नहीं थम रहा अस्पतालों में कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी का खेल

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सिटी रिपोर्ट/ उदयपुर/ ई समाचार मीडिया/ देवेंद्र कुमार टाक : एंबुलेंस से शव ले जाने के कमीशन बाजी के इस खेल में सर्वाधिक संभाग के ग्रामीण लोग ठगे जा रहे हैं, ऐसे लोगों को शर्म तक नहीं आती ऐसा अमानवीय व्यवहार करते हुए, कुछेक कर्मचारियों में मानवता मर गई हैं, इंसानियत को तार-तार कर दिया है, ऐसी स्थिति में भी लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं- “यह इंसान नहीं यह राक्षस है”-नहीं थम रहा अस्पतालों में कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी का खेल

मौत होते ही अस्पताल कर्मी कमीशन वाले एंबुलेंस चालक को कॉल करके बुलाते हैं, वे उन्हें कोरोना का डर दिखाकर सीधा सीधा मुंह मांगा पैसा वसूलते हैं, चित्रकूट नगर स्थित ईएसआई अस्पताल में संभाग के जिलों के 6 जिलों के अलावा सिरोही, जालोर व मध्यप्रदेश के नीमच, जावरा, रतलाम, मंदसौर तक के लोग इलाज के लिए यहां आ रहे हैं

जांच में कोरोना पॉजिटिव होते ही उन्हें ईएसआई अस्पताल रेफर किया जा रहा है, गंभीर बात यह है कि यहां किसी बाहरी व्यक्ति की मौत होने पर शव को उनके घर छोड़ने के लिए मुंह मांगा दाम वसूला जा रहा है, मजबूरी में लोग करें तो भी क्या करें, ऐसी मजबूरी में लोग तय राशि के बाद भी ज्यादा पैसे देकर एंबुलेंस ए सब ले जाने पर मजबूर हैं 

कोरोनावायरस संक्रमण से मौत के बाद सब को इधर-उधर लाने ले जाने में कहां-कहां किस हद तक वसूली हो रही है, इसका जब आपको पता चलेगा तो आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी, यह गमजदा परिवार से ज्यादा कोई नहीं जान सकता है, मुर्दाघर से मोक्ष धाम तक वसूली ओं की गड़बड़ी हमारे चैनल ने उजागर की तो नगर निगम ने उन पर लगाम लगाना मोस्ट दाम पर कर्मचारियों की नियुक्तियां की

वही मुर्दाघर में पुलिस का पहरा लगाया है, लेकिन शव के नाम पर कमाई करने वाले कहीं से भी रास्ता निकाल कर वसूली करने से बाज नहीं आ रहे हैं, ई समाचार मीडिया ने चित्रकूट नगर ईएसआई अस्पताल के बाहर क्षेत्र में मरीजों की मौत के हाल को जाना तो वह कुछ एंबुलेंस चालकों की अवैध वसूली या सामने आई

सरकार द्वारा निर्धारित ₹14 प्रति किलोमीटर की दर से निर्धारित एंबुलेंस के दाम होने के बावजूद मनमर्जी से मुंह मांगे पैसे वसूलते नजर आए एंबुलेंस चालक, इसमें हॉस्पिटल के कर्मचारियों की मिलीभगत है, इस वसूली के खेल में अस्पताल में कार्यरत ठेकेदार के कर्मियों की मिलीभगत सामने आई, बाहर एंबुलेंस चाल कॉल करके बुलाते हैं और सौदेबाजी कर अपना कमीशन निश्चित करते हैं

नहीं थम रहा अस्पतालों में कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी का खेल

इसी के फलस्वरूप हम आपको ऐसी तो घटना बताएंगे जिससे यह साबित हो जाएगा कि इन अस्पतालों में शव को लाने ले जाने के लिए अवैध वसूली का नंगा नाच चल रहा है, जो कि कानूनन रूप से भी गलत है तथा मानवता के तौर पर भी गलत है :

एंबुलेंस केस -1 : एंबुलेंस ड्राइवर ने कहा कि जानकी रिस्क है, पैसा लूंगा तो ज्यादा लगेगा ही : ईएसआई अस्पताल में झाडोल के एक व्यक्ति की मौत हो गई, मौत कोरोनावायरस की वजह से हुई, अस्पताल में मौजूद सफाई कर्मी ने अपने परिचित एंबुलेंस वालों को बुलाया, उसने झाडोल शव ले जाने के ₹7000 की मांग की

मृतक के परिजनों ने ज्यादा पैसा बताने पर परिजन ने मना किया तो चालक बोला कि करो ना बॉडी है, हमारी जान का रिस्क है, पैसा तो अधिक लगेगा ही, आनाकानी पर ₹500 कम किए, कर्मी ने चालक ने अपना कमीशन लेकर बॉडी एंबुलेंस में रखी, सभी परिजन पीपी कीट पहन सबके साथ बैठे लेकिन चालक सिर्फ मुंह पर कपड़ा वाला मास्क लगाकर साथ चला, उसने किसी तरह की सेफ्टी नहीं अपना ही- यह एक प्रकार की लूट है जो बेबस और लाचार मृतक के परिवार वालों से यह एंबुलेंस वाले कर रहे हैं- प्रशासन से हमारे चैनल की अपील है कि इन पर जल्द से जल्द कार्रवाई करें

एंबुलेंस कैस -2 : राज्य के बाहर के शव के एंबुलेंस चालक ने मांगे ₹25000 : ईएसआई अस्पताल में राज्य के बाहर के व्यक्ति की मौत हो गई, बेशक मौत कोरोनावायरस से हुई, एंबुलेंस चालक ने सीधे ही 25000 की मांग की, बाहर जाने पर एंबुलेंस चालकों ने भी वही पैसे मांगे, सभी चालकों के बीच तोड़- बट्टा करने पर 18000 में बात हुई

उसके बाद शव रखने के कर्मचारी ने ₹500 अलग से लिए, चालक ने एडवांस पैसे लिए और सब लेकर रवाना हुआ, पूरे रास्ते चालक ने भी मां के लिए कुछ नहीं पहना जबकि परिजन सभी पीपी किट में थे, ऐसे लापरवाह एंबुलेंस चालक अपनी जान तो खतरे में डाल ही रहे हैं साथ ही में अन्य लोगों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं, दूसरा यह है कि यह लोग, मजबूरी में मृतक के परिवार वालों से अवैध वसूली और मनचाहा पैसा वसूल रहे हैं वह पूर्णतया गलत है- उदयपुर जिला प्रशासन से हमारी अपील है कि ऐसे असामाजिक तत्व के साथ सख्ती के साथ जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की कृपा करें

बाहरी से पैसा वसूली : ईएसआई अस्पताल दिन में सवार की मौत होने पर अब परिजन निगम की एंबुलेंस से सबको सीधा शमशान ले जा रहे हैं, रात में मौत होने पर यह सब एमबी चिकित्सालय के मुर्दाघर भेजे जा रहे हैं, अगली सुबह नई व्यवस्था के तहत यह सब निशुल्क श्मशान घाट पहुंच रहे हैं, लेकिन जिले या जिले से बाहर जाने वाले सब के लिए एंबुलेंस चालक उन्हें कोरोना का डर दिखाकर मनमर्जी से पैसा वसूल रहे हैं-नहीं थम रहा अस्पतालों में कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी का खेल

देवेंद्र कुमार टांक  E-समाचार.इन (जनता की आवाज)

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