बाल आयोग-आपके द्वार-राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दल की उदयपुर यात्रा 

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उदयपुर 12 अप्रेल। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा है कि बच्चों के अधिकारों के संरक्षण से जुड़ी समस्त सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ ही एक व्यक्ति बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दिखावें तभी सही मायनों में हम स्वस्थ व विकसित समाज की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
आयोग अध्यक्ष बेनीवाल मंगलवार को उदयपुर जिले के प्रवास दौरान ‘बाल आयोग-आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत जिला परिषद सभागार में समीक्षा बैठक एवं समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत जिला स्तरीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रही थी-बाल आयोग-आपके द्वार-राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दल की उदयपुर यात्रा 

बाल आयोग-आपके द्वार-राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दल की उदयपुर यात्रा 


समीक्षा बैठक में उन्होंने जनजाति अंचल के अपने दो दिवसीय दौरे में प्राप्त हुई बच्चों की समस्याओं के साथ जयसमंद क्षेत्र में टापू पर बसे गांव के लोगों की जरूरतों को बताया और जिला प्रशासन से आह्वान किया कि टापू तक आवागमन की सुविधा हो ताकि बच्चे स्कूल तक पहुंच सके। उन्होंने टापू पर रहने वाले लोगों को प्रशासन गांवों के संग अभियान में पट्टे दिलाने के लिए भी कहा।


बैठक में जिला कलक्टर ताराचंद मीणा, एसपी मनोज चौधरी बाल, आयोग सदस्य शिव भगवान नागा, डॉ. शैलेन्द्र पण्ड्या, डॉ. विजेंद्र सिंह, आयोग सचिव निर्मला मीणा, उपनिदेशक पवन पुनिया, विकास बामनवास, पुलिस उपाधीक्षक दीपक शर्मा सहित बाल आयोग, सीडब्ल्यूसी सदस्य व संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।


जनजाति अंचल में काम करने की जरूरत:
आयोग अध्यक्ष बेनीवाल ने कहा कि जनजाति अंचल में बाल अधिकारों के संरक्षण विषय पर फील्ड मशीनरी को और अधिक काम करने की जरूरत है। उन्होंने बाल संरक्षण के लिए गठित समितियों और इससे जुड़े सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने का आह्वान किया।


पालनहार का लाभ दिलाना सराहनीय पहल:
आयोग अध्यक्ष ने इस बात पर खुशी जताई कि उदयपुर जिला प्रशासन ‘मिशन कोटड़ा’ के माध्यम से पालनहार योजना का लाभ लेने से वंचित बच्चों को योजना से जोड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन द्वारा गैर सरकारी संस्थाओं को एकत्र करते हुए उनकी कार्यशाला आयोजित करने की पहल का भी स्वागत किया और कहा कि इससे बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।


रेस्क्यू की गई बच्चियों का पुनर्वास हो
समीक्षा बैठक में बेनीवाल ने गत दिनों बाल श्रम में जाने से रेस्क्यू की गई बच्चियों के पुनर्वास की जरूरत बताते हुए इसके लिए प्रशासन को कार्यवाही को कहा। उन्होंने पुलिस प्रशासन को बाल श्रम पर अंकुश लगाने तथा गैर सरकारी संस्थाओं को इस कार्य में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने का भी आह्वान किया।


कलक्टर ने किया स्वागत:
बैठक के आरंभ में जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने बाल आयोग अध्यक्ष व सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए जिले के परिदृश्य की प्रस्तुति दी। उन्होंने इस जनजाति बहुल अंचल में बाल अधिकारों के संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों को प्रस्तुत किया और मिशन कोटड़ा के माध्यम से गत दिनों 1000 बच्चों को पालनहार योजना का लाभ दिलाने की बात कही। कलक्टर ने वन धन केन्द्रों के माध्यम से जरूरतमंदों को रोजगार और शिक्षा के अवसर मुहैया करवाने के लिए की जा रही कार्यवाही के बारे में भी बताया।


बाल गृहों को नहीं मिल रहा अनुदान:
बैठक में जिला कलक्टर मीणा ने बताया कि बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे बाल गृहों को लंबे समय से अनुदान नहीं मिल रहा है और प्रशासन सीएसआर के माध्यम से इन्हें सहयोग कर रहा है। बाल गृह संचालकों ने भी बताया कि गत 4 वर्षों से अनुदान बकाया है। इस पर बाल आयोग सदस्य डॉ. शैलेन्द्र पण्ड्या ने बताया कि अनुदान देने के लिए प्रस्ताव जिले से राज्य और राज्य से केन्द्र सरकारी को भेजा जाता है, जिले के बाल गृहों के बकाया अनुदान का भी फॉलोअप किया जाएगा। आयोग अध्यक्ष बेनीवाल ने भी इस दिशा के राज्य स्तर से ठो कार्यवाही करवाने को आश्वस्त किया।


एसपी चौधरी ने बताई पुलिस कार्यवाही:
बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक मनोज चौधरी ने जिले में पॉक्सो एक्ट के तहत हो रही कार्यवाहियों की जानकारी दी और कहा कि अधिकांश प्रकरणों का निस्तारण एक से दो माह में हो रहा है। उन्होंने मानव तस्करी और बाल श्रम से जुड़े प्रकरणों में पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्यवाही के बारे में भी जानकारी दी।


जागरूक शिक्षक का किया सम्मान:
बैठक उपरांत आयोग अध्यक्ष बेनीवाल ने बाल श्रम को रोकने और अब तक 400 बच्चों को रेस्क्यू कराने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शिक्षक दुर्गाराम का सम्मान भी किया। उन्होंने शिक्षक के कार्य की तारीफ की और इसी प्रकार की जागरूकता हर सरकारी कार्मिक को दिखाने का आह्वान किया-बाल आयोग-आपके द्वार-राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दल की उदयपुर यात्रा 

राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दल की उदयपुर यात्रा – बाल आयोग के दल ने बाल चिकित्सालय, पुलिस थाना व बाल गृह का किया निरीक्षण
उदयपुर 12 अप्रेल। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल के नेतृत्व में जिले की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचा बाल आयोग के दल ने मंगलवार को बाल चिकित्सालय, हाथीपोल पुलिस थाने के साथ एक बालिका गृह का भी निरीक्षण किया और यहां की गतिविधियों के बारे में जानकारी लेकर महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। क्षेत्रीय भ्रमण दौरान आयोग सदस्य शिव भगवान नागा, डॉ. शैलेन्द्र पण्ड्या, डॉ. विजेंद्र सिंह, आयोग सचिव निर्मला मीणा, उपनिदेशक पवन पुनिया, विकास बामनवास, पुलिस उपाधीक्षक दीपक शर्मा सहित बाल आयोग, सीडब्ल्यूसी सदस्य व संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।


बाल चिकित्सालय का किया निरीक्षण:
बाल आयोग के दल ने अपने उदयपुर प्रवास के तहत आज सुबह अपने दौरे की शुरू महाराणा भूपाल चिकित्सालय परिसर में स्थित बाल चिकित्सालय के निरीक्षण के साथ की। उन्होंने बाल चिकित्सालय पहुंच कर आईसीयू, ओपीडी और वार्डों के साथ अन्य प्रभागों का दौरा किया और यहां पर दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी ली। आरएनटी प्राचार्य डॉ. लाखन पोसवाल और एमबी अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन ने आयोग अध्यक्ष बेनीवाल और सदस्यों को चिकित्सालय का निरीक्षण करवाते हुए यहां दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया।


कुपोषित बच्चों के इलाज की ली जानकारी:
कुपोषण उपचार केन्द्र के निरीक्षण दौरान डॉ. पोसवाल ने कुपोषण और स्वास्थ्य जागरूकता के अभाव से बच्चों में होने वाली विभिन्न प्रकार की जटिल बीमारियों के बारे में बताया और कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार तमाम प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही है। उन्होंने कुपोषण उपचार केन्द्र में अब तक 10 हजार 410 बच्चों के उपचारित किए जाने तथा मार्च माह में 81 बच्चों के पंजीकरण होने की भी जानकारी दी। आयोग अध्यक्ष बेनीवाल ने सभी वार्डों में बच्चों के इलाज के लिए प्रयोग में आ रहे उपकरणों, अपेक्षित दवाईयों, चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों की उपलब्धता तथा सरकार के स्तर पर अपेक्षाओं के बारे में पूछा। उन्होंने यहां पर उपचाररत बच्चों की माताओं से भी संवाद किया और इन्हें दिए जा रहे उपचार और सुविधाओं के बारे में पूछा।


हाथीपोल थाने में देखा बाल मित्र कक्ष:
बाल आयोग दल ने अपने भ्रमण दौरान शहर के हाथीपोल थाने में बाल मित्र कक्ष को देखा। उन्होंने यहां पर संधारित की जा रही पंजिकाओं और बाल अपराध से संबंधित आने वाले परिवादियों से परिवाद लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली। मौजूद कांस्टेबल निर्भय शंकर ने बाल आयोग अध्यक्ष बेनीवाल और सदस्यों को यहां पर दर्ज किए जाने वाले परिवादों और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अब तक दर्ज परिवादों पर की गई कार्यवाही के बारे में भी पूछा और निर्देश दिए कि प्राप्त परिवादों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही की जावें।


मदर टेरेसा बालिका गृह का लिया जायजा:
उदयपुर प्रवास के तहत भ्रमण दौरान बाल आयोग मंगलवार को सुबह शहर के मदर टेरेसा बालिका गृह पहुंचा और यहां पर प्रवेशित बच्चियों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बाल आयोग अध्यक्ष ने यहां पर बच्चियों से आत्मीय संवाद किया और संचालकों से इन बच्चियों के आवास, भोजन, शिक्षा इत्यादि की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चियों के पुनर्वास और संबंधित अन्य प्रकरणों के बारे में भी जानकारी लेकर महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए-बाल आयोग-आपके द्वार-राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दल की उदयपुर यात्रा 

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक   E–समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

INDIAN GOVERNMNET REGISTERED  (RNI -MPHIN /2020 /35645 )

कृपया सभी जन मास्क लगाए।  सोशल दुरी रखे।  बार – बार अपने हाथों को साबुन या सेनेटाइजर साफ़ करिये। भीड़ –भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचिए। अपना और अपने परिवार वालों का अपने बच्चो का ख्याल रखिये।  स्वस्थ्य रहिये –सुरक्षित रहिये।

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