बच्चों का बढ़ता मोबाइल स्क्रीन टाइम हर पेरेंट्स की समस्या

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सिटी रिपोर्ट /उदयपुर /ई समाचार मीडिया / बेतवा भूमि समाचार / देवेंद्र कुमार टांक : बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर लंबे समय से बहस जारी है, महामारी के बाद तो यह और भी अहम् हो गया है, चाइल्ड डवलपमेंट एक्सपर्ट और डाक्टर कॉलिन रूसो जॉनसन कहती है हम सब चाहते है की बच्चे ज्यादा देर तक स्क्रीन से ना चिपके रहे -बच्चों का बढ़ता मोबाइल स्क्रीन टाइम हर पेरेंट्स की समस्या

पर क्या हमने उन्हें इसके लिए विक्लप दिए है घर से बहार खेलना अभी सुरक्षित नहीं है, ऐसे में अभिभावक कहते है की उनके काम के समय बच्चे कही व्यस्त रहे, यह गैजेट से ही संभव है, विशेषज्ञों का मानना है की इसे नकारात्मक तरीके से ही नहीं देखा जाना चाहिए, नियम बनाने या सख्ती से भी इस समस्या पर नियंत्रण नहीं हो सकता, विशेषज्ञों से जानिए, बच्चों का स्क्रीन के साथ हेल्दी बेलेंस कैसे बना सकते है 

1. गतिविधियों से रचनात्मक होने के लिए प्रोत्साहन दे : स्क्रीन टाइम घटाने के लिए डिजिटल मीडिया पर ऐसी गतिविधि तलाशों जो उन्हें स्क्रीन से दूर रहने और रचनात्मक बनने के लिए प्रोत्साहित करे, जैसे स्कैवेंजर हंट (आभासी शिकार ) पर जाना , या फिर ऑन स्क्रीन संकेतों के जरिये ड्रेसअप जैसे गेम-खेलना, कुछ एप छोटे बच्चों और परिजनों को ही स्टोरी का पात्र बनाया जाता है 

2. नजर रखे की बच्चे मोबाइल स्क्रीन पर क्या देख रहे है : बच्चे मोबाइल/लेपटॉप/टेब/कंप्यूटर स्क्रीन पर क्या देख रहे है , इस पर पेरेंट्स नजर रखे , डॉ.जॉनसन कहती है की एक माँ की शिकायत थी की जब वो करीब करीब होती है तो बच्ची फ्रेंच गाने देखती है पर उसके वह से हटते ही वो ऐसे वीडियो देखने लगती है

जिनमें खिलौनों को बुरे पात्रो के रूप में बताया जा रहा था,ऐसे में शक्ति के बजाय प्यार से अपने बच्चों को समझाइए कि यह चीजें देखना क्यों गलत है, कुछ समय उनके साथ बैठकर उन्हें बताएं कि क्या देखना चाहिए और क्या नहीं, उनके लिए क्या बेहतर रहेगा और क्या गलत-बच्चों का बढ़ता मोबाइल स्क्रीन टाइम हर पेरेंट्स की समस्या

बच्चों का बढ़ता मोबाइल स्क्रीन टाइम हर पेरेंट्स की समस्या

3. दिन के कुछ पल टेक से पूरी तरह मुक्त रखें : यह बस लंबी है कि बच्चों को गैजेट कितनी देर देखने देना चाहिए, मनोवैज्ञानिक जॉन लेसर कहते हैं कि बच्चों को समझाएं कि दिन के कुछ खास मौकों पर जैसे खाना खाते वक्त, कार में घूमने जाते समय, किसी कार्यक्रम और आयोजन में या फिर रात को सोते वक्त स्क्रीन नहीं देखें, उन्हें ज्यादा देर देखने से होने वाले नुकसान ओं के बारे में बताइए, कुछ दिनों में यह उनकी दिनचर्या में शामिल हो जाएगा- और धीरे-धीरे वह मोबाइल स्क्रीन को देखना कम कर देंगे

4. बच्चे आप से ही सीखते हैं, इसलिए अपने बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं : टेक्नोलॉजी से जुड़े रहना बच्चों को ही नहीं बल्कि बड़ों को भी आकर्षित करता है, मनोवैज्ञानिक डॉक्टर एडम एल्डर कहते हैं कि हम हर घंटे फोन चेक करते रहते हैं, देर तक लैपटॉप पर काम या नेट सर्फिंग करते हैं, बच्चे ना सिर्फ इसकी नकल करते हैं बल्कि उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना भी आती है, इसलिए जब बच्चों के साथ रहे तो स्क्रीन से दूरी बनाए रखने की कोशिश करें उन्हें स्कूल छोड़ने लेने जाए तो भी फोन ज्यादा इस्तेमाल नहीं करें

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक   E-समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

कृपया सभी जन मास्क लगाए।  सोशल दुरी रखे।  बार – बार अपने हाथों को साबुन या सेनेटाइजर साफ़ करिये। भीड़ – भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचिए। अपना और अपने परिवार वालों का अपने बच्चो का ख्याल रखिये।  स्वस्थ्य रहिये – सुरक्षित रहिये।

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