राजस्थान में फिर से बर्ड फ्लू का अलर्ट

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कोटा/ जोधपुर/ झालावाड़/ टॉक/ जयपुरराजस्थान में अब एक नए संकट ने दस्तक दे दी है जिसका नाम है बर्ड फ्लू  जी हां, बीते 1 सप्ताह से देश भर में जारी कॉओ की मौत का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा शुक्रवार को बारामाता और सारथना में भी उन 50 कॉओ  की मौत के बाद  बाराधरा रेंज के गेट के पास भी दो कॉओ मृत मिले -राजस्थान में फिर से बर्ड फ्लू का अलर्ट

राजस्थान में फिर से बर्ड फ्लू का अलर्ट

इसके अलावा झालावाड़ में 16, पनवाड़ में 10, सुनेल में 8, जयपुर में 30, जोधपुर में 22, कोटा में 9 और टोंक में 55 को की मौत हुई है झालावाड़ में कॉओ के अलावा एक कोयल की भी मौत हुई है अन्य पक्षियों की अभी तक मौत के मामले सामने नहीं आए हैं

मात्रा में 1-1 किंगफिशर व मेघपाई चिड़िया भी मृत मिली है, यानी अब तक प्रदेश भर में 1 सप्ताह के भीतर 295 कॉओ  की मौत हो चुकी है इस नए संकट को देखते हुए चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने प्रदेश में बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी कर दिया है इसके अलावा वन्य जीव विभाग से लेकर टाइगर रिजर्व एरिया में एवियन इनफ्लुएंजा यानी बर्ड फ्लू के संक्रमण की रोकथाम के संबंध में एडवाइजरी जारी की है

पनवाड़ क्षेत्र में 4 दिन पहले 60 मुर्गों के मरने की भी सूचना मिली है, इस पर पशुपालन विभाग की टीम ने पनवाड़ पहुंचकर मुर्गों के सैंपल लिए हैं

देश में एक और भयंकर संकट बर्ड फ्लू के रूप में

सभी वेटलैंड्स की निगरानी करें अधिकारी : चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन एम एल मीणा द्वारा जारी अलर्ट में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि झालावाड़ में बर्ड फ्लू का गंभीर वायरस है ऐसे में प्रदेश में सभी वन्यजीव विभाग से लेकर टाइगर रिजर्व के अधिकारी इसे फैलने से रोकने के लिए पूरा प्रयास करें इन दिनों वेटलैंड्स पर काफी संख्या में पक्षियों की स्थिति को देखते हुए अधिकारी विशेष सावधानी रखें

सेंचुरी, टाइगर रिजर्व, कंजर्वेशन रिजर्व के अलावा अन्य सभी एरिया में जहां पक्षी हैं वहां और वेटलैंड्स पर पूरी तरह से निगरानी रखें, सबसे अधिक 152  कॉओ  की मौत अब तक जोधपुर में हुई है, झालावाड़ में इनकी संख्या 74 हो चुकी हैं झालावाड़ से भोपाल भेजे गए सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, जबकि जोधपुर अन्य जगह की रिपोर्ट का  अभी इंतजार हैं 

इंदौर में भी बर्ड फ्लू वायरस मिला, 30 कॉओ की मौत, विभाग अलर्ट : इंदौर के दिल्ली कॉलेज परिसर में 30 कॉओ  की मौत और उसमें दो कि जांच में बर्ड फ्लू का वायरस मिला है, जांच रिपोर्ट आते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है इंदौर में अब तक कोरोना वरीज ओं की निगरानी और सैंपल इन कर रहे हैं स्वास्थ्य विभाग ने बर्ड फ्लू वायरस की जांच भी शुरू कर दी है, क्षेत्र में 5 किमी के दायरे में सर्दी खांसी वाले मरीज ढूंढे जा रहे हैं सर्विलांस के लिए अलग-अलग दल बनाए गए हैं मेडिकल ऑफिसर के साथ हर दल में सुपरवाइजर, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया है

देश में एक और भयंकर संकट बर्ड फ्लू के रूप में

नागौर में 52 मोर सहित 66 पक्षी मृत मिले, वजह जहरीला पदार्थ : नागौर के मकराना उपखंड के ग्राम कालवा बड़ा में शुक्रवार को 52 मोर सहित कुल 66 पक्षी मृत पाए गए हैं 50 मोरों का इलाज चल रहा है चिकित्सा विभाग की टीम के अनुसार, को है हालांकि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी डीडवाना रेंजर अर्जुन राम कड़वा ने बताया कि कालवा बड़ा में 52 मोर, 1 कॉओ , 5 कबूतर, 6 कॉमेडी, तथा 2 गुरसली  मृत मिले हैं ,कुछ पक्षियों का इलाज चल रहा है लेकिन मौतों की संख्या बढ़ सकती हैं

खतरा इसलिए बड़ा है : एक्सपर्ट  का कहना है कि इंसानों में भी फैल सकता है वायरस कोरोना दहन :  पशु चिकित्सक डॉक्टर टीए  बसोड़  ने बताया किएवियन इनफ्लुएंजा एक तरह से बर्ड फ्लू होता है यह वायरस जनित बीमारी है, जो एक पक्षी से दूसरे पक्षी तक तेजी से फैलती हैं इससे अधिकांश पक्षियों की मौत होती हैं पक्षियों से यह बीमारी मनीषियों में भी फैल सकती हैं इसलिए इसमें एवियन इनफ्लुएंजा एक्शन प्लान-2015 के तहत की कार्रवाई की जाती है – राजस्थान में फिर से बर्ड फ्लू का अलर्ट

एवियन इनफ्लुएंजा एक संक्रामक बीमारी है जो फालतू और जंगली पक्षियों की कई प्रजातियों को प्रभावित करती हैं, सामान्य रूप से यह संक्रमण पक्षियों में पाया जाता है लेकिन कभी-कभी या इंसानों समेत अन्य कई स्तनधारियों को भी फेक्टेड कर सकता है, इसलिए इसे इन्फ्लूएंजा कहा जाता है विशेषज्ञों का कहना है कि कॉओ कि विषाक्त पदार्थ खाने से मौत हुई होती तो अन्य को भी उस भोजन की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखते, ऐसे में मौत का सबसे बड़ा कारण बीमारी ही है

न्यूज :- देवेंद्र कुमार टांक

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