पुरुषों का हिमोग्लोबिन 14 और महिलाओं का 12 से कम है तो -इम्यूनिटी कमजोर

हेल्थ रिपोर्ट/ नई दिल्ली/ ई समाचार/ देवेंद्र कुमार टाक : हमारे सहयोगी डॉ तरुण साहनी, सीनियर कंसलटेंट इंटरनल मेडिसिन, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली के अनुसार करुणा काल में लोगों ने संभवतः जो हमने सबसे ज्यादा सर्च किया है वह है इम्यूनिटी, सब जानना चाहते हैं कि यूनिटी का स्तर क्या है और कैसे बढ़ा सकते हैं, इन्हीं विषयों पर ई समाचार ने डॉ तरुण साहनी से बातचीत की, आइए जानते हैं यूनिटी के बारे में क्या है विशेषज्ञों की राय / सलाह :-पुरुषों का हिमोग्लोबिन 14 और महिलाओं का 12 से कम है

पुरुषों का हिमोग्लोबिन 14 और महिलाओं का 12 से कम है तो -इम्यूनिटी कमजोर

सबसे पहले डॉक्टर ने यह बात बताई कि बाजार में कहीं सारे इम्यूनिटी बूस्टर हैं, जो दावा करते हैं कि उनका उपयोग करने पर हमारे शरीर की यूनिटी तेजी से और बहुत ज्यादा संख्या में बढ़ती हैं, परंतु यह सत्य नहीं हैं इन पुस्तकों की सत्यता जांचना भी संभव नहीं है, ऐसे में आप ऐसी वैसी कोई भी दवाई या पदार्थ का सेवन नहीं करें- जो आपके शरीर को और भी हानि पहुंचा सकता है, आप हमेशा अपने खान-पान पर ध्यान दें, अच्छा स्वच्छ अपने घर पर पक्के भोजन का सेवन करें

1. इम्यूनिटी का सही मतलब क्या है ? : मानव शरीर में कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया होते हैं कुछ शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं जबकि कुछ नुकसानदेह भी होते हैं, ऐसे अवयव जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करते हैं, शरीर के अंदर के वायरस से लड़ने की शक्ति पैदा करते हैं उसी को इम्यूनिटी या एंटीबॉडी कहा जाता है

2.  कैसे जांचे कि किसी व्यक्ति की इम्यूनिटी का स्तर क्या है ? : हां अलग-अलग बीमारियों के प्रति इम्युनिटी जांचने के लिए अलग-अलग टेस्ट होते हैं, कोरोना के केस में आईजीजी एंटीबॉडी टेस्ट से पता चलती है,सामान्य तौर पर हीमोग्लोबिन के स्तर से इम्यूनिटी पता कर सकते हैं

हीमोग्लोबिन का आदर्श स्तर पुरुषों में 16 और महिलाओं में 14 होता है, यदि पुरुषों में हीमोग्लोबिन 14 से और महिलाओं में 12 से कम हो तो मान सकते हैं कि इम्यूनिटी कमजोर हैं,ऐसी स्थिति में आपको तनिक भी देर नहीं करनी चाहिए एवं अपने खान-पान  पर ध्यान देना चाहिए और अपने शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में सोचना चाहिए

3. क्या किसी व्यक्ति की इम्युनिटी कुछ ही दिनों में बढ़ाई जा सकती हैं ? : हां बिल्कुल कुछ ही समय में किसी भी मनुष्य की इम्युनिटी बढ़ाई जा सकती हैं, लेकिन इम्युनिटी बढ़ाने का कृत्रिम तरीका बहुत स्थाई ही होता है, दवा व अच्छे खान-पान से कुछ दिनों में इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं

4. सुनने में आया है कि बच्चों मैं इम्यूनिटी स्तर ज्यादा होता है ? क्या यह सही है ? यदि हां तो ऐसा क्यों होता है ? : बच्चों में इम्यूनिटी ज्यादा होती है यह सही बात है लेकिन ऐसा नहीं है कि बच्चों में संक्रमण नहीं होता, बच्चे कई तरह के संक्रमण को हिसाब ही नहीं कर पाते लिहाजा बचे रहते हैं

5. बाजार में हर प्रोडक्ट यह कॉल कर बेचा जा रहा है कि यह इम्यूनिटी बूस्टर हैं इसमें कहां तक सच्चाई है ? : बाजार में कुछ ऐसे प्रोडक्ट जरूर मिलते हैं जो फूड सप्लीमेंट के तौर पर अच्छे होते हैं और वास्तव में उसे से मिट्टी पुष्ट होती हैं लेकिन सत्यता जांच ना बहुत जरूरी है जो हर बार संभव नहीं होती

लिहाजा इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बाजरा, चना और मूंग, दाल, हरी सब्जी और दूध का सेवन ज्यादा कारगर होता है, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए केले और सिट्रस फल जैसे संतरा अनन्नास आदि लेने चाहिए, गर्म पानी के साथ नींबू का रस अच्छा होता है, लहसुन भी यूनिटी बढ़ाने में कारगर होती है, ड्राई फ्रूट्स में बादाम, मुनक्के और छुआरे ले सकते हैं- एवं मनुष्य को चाहिए कि हो सके उतना फिजिकल वर्क भी करें, योगा, मेडिटेशन,  प्राणायाम जरूर करें

6. क्या सिर्फ खानपान से इम्युनिटी सुधार सकते हैं ? : सिर्फ खानपान से इम्यूनिटी में सुधार नहीं होगा सकारात्मक सोच, नियमित व्यायाम,7-8 घंटे की गहरी नींद लेनी होगी, तनाव घटाना होगा,इसके साथ पोस्टिक आहार से यूनिटी सुधरेगी,  सुबह शाम घूमना फिरना, योग करना, मेडिटेशन करना, प्राणायाम करना आदि इम्यूनिटी बूस्ट करने के अच्छे उपाय हैं

कमजोर यूनिटी वाले लोगों के लिए अभी ज्यादा सावधानी रखना जरूरी है : मधुमेह, कैंसर जैसे रोग और कमजोर यूनिटी वाले ज्यादा ध्यान रखें इन बातों का : डॉक्टर्स के अनुसार फिलहाल मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग ही बचाव  का सबसे कारगर उपाय हैं

1. यदि किसी सामान्य व्यक्ति की इम्युनिटी कमजोर है तो क्या उसे अतिरिक्त सावधानी रखने की जरूरत है ? : जी हां बिल्कुल ऐसे व्यक्ति जिसकी यूनिटी कमजोर हैं उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ऐसे लोग जिन्हें कोई गंभीर बीमारी हैं मसलन कैंसर, मधुमेह या  इम्यूनो कंप्रोमाइज बीमारी के अलावा बुजुर्ग हैं तो ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए-पुरुषों का हिमोग्लोबिन 14 और महिलाओं का 12 से कम है

इसी वजह से सरकार ने भी अपने पहले प्रोटोकोल से ही कहना शुरू किया था कि बुजुर्ग हैं घर से बाहर ना निकले इसके बाद जब व्यक्ति नहीं तब सबसे पहले बुजुर्गों के बाद गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को भी वैक्सिंग दी गई नियमित व्यायाम करना, पौष्टिक आहार लेने के साथ खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए

2. इम्यूनिटी डिफिशिएंसी डिसऑर्डर्स से पीड़ित लोगों के लिए यह समय कितना घातक हो सकता है ? तथा उन्हें क्या सावधानी रखनी चाहिए ? :  यूनिटी डेफिशियेंसी से पीड़ित लोगों के लिए यह समय बहुत खतरनाक है, हालांकि अनुवांशिक बीमारियां जैसे कॉमन वेरिएबल इम्यूनो डिफिशिएंसी ( सीवीड) या एलिम्फोसाइटोसिस कम लोगों को होती हैं

यह बीमारियां एचआईवी के संक्रमण से अलग हैं एचआईवी संक्रमण भी एक तरह का इम्यूनो डिफिशिएंसी डिसऑर्डर है मधुमेह या कैंसर के मरीजों को भी  इम्यून डिफिशिएंसी की समस्या होती हैं, सबसे ज्यादा दिक्कत वैसे ही लोगों को हो रही है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हैं, कमजोर शरीर में शरीर के अंदर वायरस से लड़ने की क्षमता नहीं होती इसकी वजह से वायरस शरीर पर अपना कब्जा कर लेता है

इन बीमारियों के मरीजों के लिए संक्रमण से बचे रहना ही एकमात्र उपाय हैं शंकर में हुआ तो इसके गंभीर हो सकती हैं, संक्रमण से बचाव के लिए फिलहाल मास्क लगाना, सामाजिक दूरी रखना ही बेहतर है, अगर आप लगवा सकते हैं तो वैक्सीन लगवा ले और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जो संभव हो व्यायाम और खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है-पुरुषों का हिमोग्लोबिन 14 और महिलाओं का 12 से कम है

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