सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा वैक्सीन का पूरा हिसाब

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एजेंसी/ नई दिल्ली/ ई समाचार मीडिया/ देवेंद्र कुमार टाक : कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से वैक्सीन खरीद का पूरा ब्यौरा देने को कहा है, कोर्ट ने केंद्रों का आदेश दिया है कि अभी तक वैक्सिंग की जो खरीद हुई है उसका पूरा ब्योरा सुप्रीम कोर्ट में पेश करें-सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा वैक्सीन का पूरा हिसाब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा वैक्सीन का पूरा हिसाब

इसके अलावा अब तक कितनी आबादी को वैक्सीनेट किया जा चुका है, इसका भी डेटा पेश करें, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से 2 हफ्ते के भीतर हलफनामे के रूप में इन सभी डिटेल को पेश करने का आदेश दिया है, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि वह बताएं कि अभी तक कोरोना की कितनी वैक्सीन कब- कब खरीदी गई हैं

कितनी आबादी को वैक्सिंग दी जा चुकी है और बाकी बचे लोगों को कब तक वैक्सीनेट किया जाएगा, शीर्ष अदालत ने सरकार से यह भी पूछा है कि ब्लैक फंगस के इलाज के लिए दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी भी जानकारी अदालत में पेश करें

जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस एल एन राव और जस्टिस एस रविंद्र भट्ट की स्पेशल बेंच ने अपने आदेश में कहा कि सरकार व डाटा दे जो साफ-साफ बताएं कि तीनों वैक्सीन (कोविशील्ड, कोवैक्सीन,स्पूतनिक-वी) खरीदने के लिए कब-कब आर्डर दिए गए, हर डेट पर व्यक्तियों की कितनी दोष का आर्डर दिया गया और उसकी सप्लाई की अनुमानित डेट क्या है

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से यह भी बताने का है कि अभी तक कितने प्रतिशत आबादी को एक किया दोनों डोज दी जा चुकी है ग्रामीण क्षेत्रों में कितने प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगी है, और शहरी क्षेत्रों में कितने प्रतिशत को वैक्सीन लगी हैं, इसका ब्यौरा भी कोर्ट में पेश करें

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर डाले गए 31 मई के आदेश में पीठ ने कहा हम केंद्र सरकार को 2 सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हैं, पीठ ने केंद्र से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आदेश में प्रत्येक मुद्दे पर अलग-अलग जवाब दिया जाए

दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट की फटकार : दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए यह कहा कि अगर दिल्ली सरकार के पास टीके है ही नहीं है तो फिर क्यों खोले वैक्सीनेशन सेंटर ?, टीके की किल्लत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी सरकार को जमकर फटकार लगाई

हाईकोर्ट ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार लोगों को तहे समय अवधि में भारत बायोटेक की बनाई को विकसित की दोनों खुराक ए मुहैया नहीं करवा सकती थी तो उसे इतने जोर शोर से इतने सारे टीकाकरण केंद्र खोलने ही नहीं चाहिए थे

इस मामले में उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है, जस्टिस रेखा पल्ली ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर उससे यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या वह को वैक्सीन की पहली खुराक ले चुके लाभार्थियों को 6 हफ्ते की समय सीमा खत्म होने से पहले दूसरी डोज मुहैया करवा सकती हैं ?  

दिल्ली हाईकोर्ट ने दो अन्य याचिकाओं के संबंध में केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी कर कहा है कि राजधानी दिल्ली में कॉपी शील्ड और को वैक्सीन की दूसरी खुराक के उपलब्ध कराई जाएं, बता दें कि दिल्ली सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि उसे पर्याप्त टीके नहीं मिल रहे हैं-सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा वैक्सीन का पूरा हिसाब

जिसके कारण उसे कई टीकाकरण केंद्र बंद करने पड़े हैं, वैक्सीन लेने वालों को दोनों खुराक को के बीच 6 हफ्ते का गैप रखना होता है तो वहीं, को भी शिल्ड की दो खुराक के 12 से 16 हफ्तों के अंतराल में लग रही हैं, परंतु चिंता की बात यह है कि राज्यों के पास वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण यह समय पर लोगों को वैक्सीन नहीं लग पा रही हैं, यह कोरोना की तीसरी लहर के लिए बहुत ही चिंताजनक है एवं दुर्भाग्यपूर्ण भी है

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक E-समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

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