कोरोना मरीजों के लिए निजी अस्पताल कर रहे हैं अपनी मनमानी

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हेल्थ रिपोर्ट/ जयपुर/ ई समाचार मीडिया/ देवेंद्र कुमार टाक : जयपुर प्रशासन और चिकित्सा विभाग के दावों के बीच राजधानी के हालात बहुत ही खतरनाक होते जा रहे हैं, 90 से कम ऑक्सीजन स्तर वाले कोरोना मरीज को निजी अस्पताल जवाब दे रहे हैं कि भर्ती तो हम कर लेंगे मगर आप को ऑक्सीजन स्वयं साथ में लानी होगी या ऑक्सीजन की व्यवस्था आप स्वयं को करनी होगी-कोरोना मरीजों के लिए निजी अस्पताल कर रहे हैं अपनी मनमानी

कोरोना मरीजों  के लिए निजी अस्पताल कर रहे हैं अपनी मनमानी

कारण है कि संबंधित अधिकारी ऑक्सीजन वर रेमडेसिवीर के लिए जरूरत का आकलन नहीं कर पा रहे हैं ऐसे में इनका वितरण मनमर्जी से हो रहा है और मरीजों की सांसों पर संकट गहराता जा रहा है, हमारी छानबीन में सामने आया कि निजी अस्पताल में भर्ती होने के लिए आया करो ना मेरी जो की जरूरत के मुताबिक जितनी ऑप्शन मांग रहे हैं

उस से 30 से 50% तक कम ऑक्सीजन मिल रही है, जबकि अस्पतालों में कई संतों को उच्च प्रेशर से उस दिन की आवश्यकता है, वैसे में चिकित्सा विभाग व अस्पतालों द्वारा मरीजों पर ध्यान ना देना बहुत ही दर्दनाक दुर्भाग्यपूर्ण है, कोई भी अस्पताल चाहे वह निजी हो या सरकारी मरीज को सीधा यह नहीं कह सकता कि हम आपको बढ़ती तो कर लेंगे उसी दिन आप खुद लेकर आइए

अगर ऐसे जवाब सुनने हैं तो जनता ने अपने जनप्रतिनिधि क्यों विधानसभा में बैठे हैं ?, क्यों जनता ने अपने जनप्रतिनिधि के द्वारा सरकार को चुना गया है ? जनता पर वो करोड़ों रुपए टैक्स करती हैं और मुसीबत के समय जब सरकारें इस जनता की मदद के लिए आगे नहीं आएगी तो यह पैसा किस काम का ? यह जनता का पैसा है और जनता के लिए काम आना चाहिए

ऑक्सीजन नहीं होने पर जिम्मेदारी किसकी ? : कुछ निजी अस्पताल संचालकों ने की समाचार को बताया कि सामान्य पलंग तो कहीं जगह उपलब्ध हैं लेकिन ऑक्सीजन नहीं है किसी संक्रमित को प्रति कर तो लें और उसे ऑक्सीजन नहीं मिले तो जिम्मेदारी हमारी बन जाती हैं भर्ती करने से इनकार करना पड़ रहा है

केंद्र को नसीहत राज्य में मरीजों से भेदभाव : विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार ने केंद्र से तो एक्टिव केस के आधार पर राज्यों को संसाधन आवंटन करने की मांग की जबकि राजस्थान में सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के बीच भेदभाव किया जा रहा है- हॉस्पिटल में भर्ती से लेकर, दवाइयां, एवं ऑक्सीजन इन सभी में लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है

चिंताजनक है  बड़ेबड़े अस्पतालों के हालात :

1. प्रताप नगर के एक संक्रमित ने निजी अस्पताल में संपर्क किया तो जवाब मिला उस दिन नहीं है, इसकी व्यवस्था कर के लाओ तो मरीज को भर्ती कर लेंगे

2. गोनेर के एक संक्रमित को लेकर परिजन 24 घंटे तक परेशान होते रहे आर यू एच एस से लेकर निजी अस्पतालों तक पड़ताल की लेकिन पलंग मिला ही नहीं और उसे भर्ती नहीं कर दिया गया

3. किशनगढ़ अजमेर में बैठ नहीं मिलने पर किशनगढ़ से एक संक्रमित को परिजन जयपुर ले जाना चाहते थे लेकिन यहां भी पलंग नहीं मिला- राज्य की राजधानी में इतनी बड़ी व्यवस्था होने के बावजूद भी वहां पर हॉस्पिटलों में पलंग उपलब्ध नहीं है

4. सवाई माधोपुर के संक्रमित को परिजन जयपुर में भर्ती कराना चाहते थे लेकिन किसी स्थान नहीं मिला सवाई माधोपुर में ही उपचार शुरू करवाया गया, संसाधनों की कमी के कारण उनकी मृत्यु हो गई- यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है -कोरोना मरीजों के लिए निजी अस्पताल कर रहे हैं अपनी मनमानी

देवेंद्र कुमार टांक  E-समाचार.इन (जनता की आवाज)

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