एसीबी की कार्रवाई 5000 की रिश्वत लेते महिला पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार

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क्राइम रिपोर्ट/ निंबाहेड़ा/ प्रतापगढ़/ उदयपुर/ ई समाचार मीडिया/ बेतवा भूमि समाचार/ देवेंद्र कुमार टाक : प्रतापगढ़ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में किशनपुरा की महिला पटवारी को म्यूटेशन खुलवाने की एवज में 5 हजार रुपे की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है-एसीबी की कार्रवाई 5000 की रिश्वत लेते महिला पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार

एसीबी की कार्रवाई 5000 की रिश्वत लेते महिला पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोवर्धन लाल ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा के गांव सेमलिया निवासी विजेश रेगर के पिता नंदलाल रेगर और चाचा रमेश के घर के नाम विजेश  की बुआ ने करीब 6 माह पूर्व कृषि भूमि की रजिस्ट्री करवाई थी

जिसका म्यूटेशन खोला जाना था म्यूटेशन खुलवाने के लिए विजेश ने जब पटवार हल्का कोटडी कला एवं डला ( किशनपुरा) तहसील निंबाड़ा जिला चित्तौड़गढ़ की पटवारी जाहिदा परवीन पत्नी मोहम्मद अयूब खान से संपर्क किया तो पटवारी ने म्यूटेशन खोलने की एवज में 5 हजार रुपए की घूस मांगी

विजेश  ने इसकी शिकायत 27 जुलाई को एसीबी की ब्यूरो चौकी प्रतापगढ़ में की उसके बाद एसीबी के अधिकारियों ने इस सूचना का सत्यापन करवाया, सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाई गई इस पर एसीबी टीम ने बुधवार को पटवारी जाहिदा परवीन को 5 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, पटवारी से रिश्वत की राशि उसके पहने हुए कुर्ते से बरामद की गई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बोलने की आजादी का अर्थ यह नहीं कि सदन की संपत्ति नष्ट करें : नई दिल्ली- देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने केरल विधानसभा में तोड़फोड़ करने वाले छह वामपंथी विधायकों के खिलाफ केस वापस लेने की राज्य सरकार की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एमआर शाह की पीटने याचिका खारिज करते हुए कहा कि विधायकों को सदन में बोलने की स्वतंत्रता है, मगर इसका यह मतलब कतई नहीं है कि वह इस अधिकार की आड़ में सदन की संपत्ति को नष्ट कर दे-एसीबी की कार्रवाई 5000 की रिश्वत लेते महिला पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार

दरअसल केरल हाईकोर्ट ने 12 मार्च को राज्य सरकार को विधानसभा में तोड़फोड़ करने वाले छह माकपा विधायकों से केस वापस लेने की अनुमति देने से इनकार किया था, इसके खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी जस्टिस चंद्रचूड़ ने बुधवार को कहा विधानसभा कार्यवाही की मर्यादा जरूरी है

इसलिए इन विधायकों से केस वापस नहीं लिया जा सकता एवं इनके ऊपर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए मुकदमा चलना चाहिए जिससे यह एक सीख बने एवं आगे से कोई भी मंत्री, विधायक, सांसद ऐसा दुर्व्यवहार करने से पहले सौ बार सोचे

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक   E-समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

कृपया सभी जन मास्क लगाए।  सोशल दुरी रखे।  बार – बार अपने हाथों को साबुन या सेनेटाइजर साफ़ करिये। भीड़ – भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचिए। अपना और अपने परिवार वालों का अपने बच्चो का ख्याल रखिये।  स्वस्थ्य रहिये – सुरक्षित रहिये।

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