ऑस्ट्रेलिया ने अछि नीति के तहत हासिल कर ली कोरोना पर जीत

0
23

एजेंसी/ सिडनी/ मेलबर्न/ ई समाचार/ देवेंद्र कुमार टाक : मेलबर्न से अमित चौधरी की रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस का कोई खास असर नहीं दिख रहा है,यहां बीते साल 18 मार्च तक 113 केस हो गए थे सरकार ने समय रहते 20 मार्च को प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी, सभी इंटरनेशनल बॉर्डर को बंद कर दिया गया था-ऑस्ट्रेलिया ने अछि नीति के तहत हासिल कर ली कोरोना पर जीत

ऑस्ट्रेलिया ने अछि नीति के तहत हासिल कर ली कोरोना पर जीत

हालांकि डब्ल्यूएचओ ने इस लॉकडाउन की सलाह नहीं दी थी, परंतु ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने अपने देश की जनता की सेहत के लिए लॉक डाउन करना उचित समझा, इस लॉकडाउन के दौरान सभी फ्लाइट बंद कर दी गई, बंदरगाह बंद कर दिए गए, स्कूल, कॉलेज, ऑफिस भी बंद कर दिया गए, वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया गया

 रेस्टोरेंट, होटल, अस्पताल, केमिस्ट, ग्रॉसरी जैसी जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी सार्वजनिक स्थल बंद कर दिए गए, मई 2020 आते-आते ऑस्ट्रेलिया को समझ में आ चुका था कि आने वाले समय में वेंटिलेटर की कमी पड़ सकती हैं लिहाजा 5500 वेंटीलेटर्स मंगाए, हालांकि इन वेंटीलेटर की जरूरत आज तक नहीं पड़ी, परंतु ऑस्ट्रेलिया की कोरोना महामारी से लड़ने की तैयारी पूर्ण थी

जून में डीलर देने पर मेलबर्न में स्थिति बिगड़ी थी, फिर संक्रमण रोकने तक मेलबर्न समेत पूरे विक्टोरिया में 111 दिन सख्त लॉकडाउन रहा,इस साल जनवरी के आखिरी में मामले बढ़े तो 11 फरवरी को फिर 5 दिन का लॉकडाउन लगाया,अब जहां मामले मिल रहे हैं सिर्फ उन जगहों को सील किया जा रहा है

ऑस्ट्रेलिया ने कैसे शंकर में पर काबू पाया, इस पर मेडिकल एक्सपर्ट डॉक्टर व्योम शर्मा कहते हैं, यहां सरकार और लोगों ने कभी माना ही नहीं कि कोरोना से छुटकारा पा लिया, यह हमेशा कोरोना गाइडलाइन की पालना करते रहे चाहे वहां कोरोना वायरस फैला या नहीं फैला, अब तक लोग नियमों का कड़ाई से पालन कर रहे हैं, नतीजा ढाई करोड़ आबादी वाले इस देश में सिर्फ 257 एक्टिव केस हैं

फुल 29725 कैसे चुके हैं एवं 910 मौतें हुई हैं, 19 लाख लोगों को कोविड-19  की  वैक्सीन लग चुकी हैं,  हम यह कहने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बहुत ही सामंजस्य के साथ कोरोना महामारी पर विजय प्राप्त की हैं एवं ऑस्ट्रेलिया की जनता ने भी अपनी सरकार का पूरा सहयोग किया है इसके कारण ही ऑस्ट्रेलिया में स्थिति आज बहुत अच्छी हैं और वहां पर बहुत ही कम जनहानि हुई है तथा कोरोना से बहुत ही कम नुकसान हुआ है

ऑस्ट्रेलिया में आज भी लोग कड़ाई से नियमों का पालन कर रहे हैं, अब तक 93% जॉब लौट चुकी हैं, अब सबसे सुरक्षित जगह ऑस्ट्रेलिया है, कोरोना पर सख्त रहा ऑस्ट्रेलिया,सिर्फ 113 केस पर ही पूरे ऑस्ट्रेलिया में लॉकडाउन लगा दिया गया था, सरकार ने निजी क्षेत्र के कर्मियों को हर माह घर बैठे 1.70 लाख रुपए दिए जिससे उनके घर का गुजारा चल सके तथा दैनिक जीवन की वस्तुओं का उनको कमी नहीं हो

आइए ई समाचार डिजिटल मीडिया आपको ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा कोरोना वायरस पर किए गए विजय संग्राम को बताते हैं :

1.जॉब कीपर और जॉब सीकर : चटनी से बचाने निजी कर्मियों, बेरोजगारों के लिए खोला खजाना – लॉकडाउन से नौकरी आज आने लगी तो सरकार आगे आई 50% से अधिक घाटा जलने वाली कंपनियों को छटनी न करने की हिदायत दी साथ ही निजी कंपनियों के हर कर्मचारी को हर महीने 1.70 लाख रुपए दिए जिससे उनकी आजीविका चल सके, 500000 बेरोजगारों को भत्ता दोगुना बढ़ाकर 1.2 लाख रुपए कर दिया ताकि काम के लिए यह  लॉकडाउन में बाहर ना निकले

2. कांटेक्ट ट्रेसिंग, सीवरेज सैंपल : संक्रमित व्यक्ति की 14 दिनों की हिस्ट्री कंगाली जाती है : संक्रमित के मिलते ही 14 दिनों की हिस्ट्री कंगाली जाती है वह कहां कहां गया, किस-किस से मिला, और कहां कितने समय रहा, इसके दौरान इसके संपर्क में कौन-कौन आया, यह सब सूचना जनता को दी जा रही हैं सीवरेज प्लांट में सैंपल लिए जा रहे हैं जैसे ही किसी सैंपल में कोविड-19 दिखता है तो उस इलाकों को अलर्ट कर देते हैं -ऑस्ट्रेलिया ने अछि नीति के तहत हासिल कर ली कोरोना पर जीत

3. हेल्थ केयर : मार्च -2020 में 100 कोविड क्लीनिक हॉस्पिटल के लिए 15000 करोड रुपए जारी किए थे : मार्च 2020 में ही शौक कोविड-19 निक के लिए 15000 करोड रुपए जारी किए थे इन अस्पतालों को बनाने के पीछे मकसद यह था कि कोविड-19 मरीज सीधे अस्पताल ना जाकर इन क्लिनिक्स में जांच करवाएं, इससे इंफेक्शन का संक्रमण दूसरे मेडिकल संस्थानों में फैलने से रोका गया

4. ढिलाई  के बाद मेलबर्न में 800 बुजुर्गों की मौत हुई, फिर सबसे लंबा और सख्त लोग डाउन लगा दिया : जून में ढिलाई दी गई तो संक्रमण से 800 बुजुर्गों की मौत हो गई, फिर जुलाई में मेलबर्न समेत पूरे विक्टोरिया राज्य में सख्त लोग डाउन लगा दिया, राशन लेने भी घर से एक ही व्यक्ति जा सकता था, नियम तोड़ने वालों पर ₹10 लाख जुर्माना लगाया गया दिसंबर तक संक्रमण काबू में आया वह लोग डाउन हट गया

5. आइसोलेशन और टेस्ट के एवज में पैसा दिया, ताकि काम से छुट्टी लेने पर नुकसान ना हो : ऑस्ट्रेलिया में हेल्थ केयर फ्री हैं, टेस्ट से लेकर इलाज तक फ्री किया गया, यही नहीं जो लोग कच्ची नौकरी कर रहे थे और टेस्ट के लिए छुट्टी लेने पर पगार कटने के डर से व्हाट इज करवाने नहीं जा रहे थे ऐसे लोगों के लिए टेस्ट करवाने की एवज में ₹14000 दिए गए, 14 दिन अगर आइसोलेशन में जाना पड़ा तो ऐसे व्यक्तियों को सरकार ने 86 हजार रुपए दिए

6. प्रोत्साहन : सरकार घूमने और बच्चों को खेल से जोड़ने के लिए 12-12 हजार रुपए दे रही हैं : इकोनॉमी बुक करने के लिए राज्य सरकारें कई स्कीम लाई है जनवरी से सैर सपाटे पर जाने के लिए 200 ऑस्ट्रेलियन डॉलर (करीब 12 हजार रुपए) दे रही हैं, बशर्ते वह $400 क्षेत्रीय इलाकों में खर्च करें, बच्चों को खेल से दोबारा जोड़ने के लिए प्रति बच्चा 200 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर विक्टोरिया राज्य दे रही हैं

ऑस्ट्रेलिया का कोरोना वायरस पर जीत का महामंत्र : ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पूरी अर्थव्यवस्था को दांव पर लगा लिया – मोनाश यूनिवर्सिटी के इकोनॉमिक्स विभाग के प्रोफेसर विनोद मिश्रा कहते हैं, कि ऑस्ट्रेलिया ने इकोनॉमी की जगह लोगों को बचाने का फैसला लिया, इसी फैसले ने हमें फिर से खड़ा किया, लोगों को घर बैठे पैसा दिया, बड़ी कंपनियों, छोटे कारोबारियों और दुकानदारों को 1.1 लाख करोड रुपए की मदद दी

 वर्ष 2020 21 के बजट में रिकॉर्ड 1 ट्रिलियन डॉलर का घाटा झेलना पड़ा, मई 2020 तक 8.70 लाख नौकरियां जा चुकी थी रेवेन्यू में 72% कमी आई, एवं ऑस्ट्रेलिया की जीडीपी 7% तक सिकुड़ गई, दिसंबर में संक्रमण पर काबू आते ही बाजारों में रौनक लौट आई, जीडीपी में 3% उछाल आया, नई नौकरियां आने लगी अब 93%  बेरोजगारों को रोजगार मिल चुका है-ऑस्ट्रेलिया ने अछि नीति के तहत हासिल कर ली कोरोना पर जीत

ई समाचार डिजिटल मीडिया भारत सरकार से निवेदन करते हैं कि अगर देश को कोरोना से मुक्त करना है तो ऑस्ट्रेलिया सरकार जैसा कदम उठाना होगा, ऑस्ट्रेलिया सरकार से सीखना होगा कि उन्होंने शुरू से अंत तक कैसे सफल अभियान चलाकर लोगों को बिना तकलीफ दिए कोरोना वायरस भोपा लिया और आज फिर से बाजार में अपने आप को परिपूर्ण खड़ा कर लिया,सबसे बड़ी बात कि वहां पर इतना कुछ होने के बावजूद भी कोरोना से कम मौतें हुई और लोग भी कम संक्रमित हुए हैं

देवेंद्र कुमार टांक E-समाचार.इन (जनता की आवाज)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here