एक डोज से ही घर में संक्रमण का खतरा 50% होता है कम

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एजेंसी/ लंदन/ नई दिल्ली/ ई समाचार/ देवेंद्र कुमार टाक : ब्रिटेन की पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ( पीएचई) की रिचर्ड्स में कहा गया है कि फाइजर या एस्ट्रेजनेका वैक्सीन की एक डोज जिसे लगी हो उसके संपर्क में आने से उस व्यक्ति के घर में परिजन के संक्रमित होने की संभावना 50 फ़ीसदी तक घट जाती हैं, शोध में पाया गया है कि जो लोग पहली  डोज लेने के 3 सप्ताह बाद संक्रमित हो गए थे-एक डोज से ही घर में संक्रमण का खतरा 50% होता है कम

उनसे वैक्सीन डोज न लेने वाले घर के सदस्यों के संक्रमित होने की संभावना 38 से उन 50% कम थी, शोध में 24000 घरों में 57000 से अधिक कॉन्टेक्ट्स का डाटा लिया गया, जिसमें एक कन्फर्म संक्रमित केस था जिसको वैक्सीन लगी थी और इसको लगभग 10 लाख बिना वैक्सीन वाले केस के कांटेक्ट से मिलाया गया

रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवार में ट्रांसमिशन जोखिम ज्यादा होता है, ऐसे ही अकोमोडेशन शेयर करने वाले लोगों को और कैदियों में संक्रमण फैलने की ज्यादा आशंका रहती हैं, पीएचई की पिछली स्टडी में अनुमान लगाया गया कि ब्रिटेन के तेजी से टीकाकरण के कारण मार्च के अंत तक 10000 कम होते हुए,  स्वास्थ्य मंत्री मेट हैनकॉक ने कहा यह बहुत अच्छी खबर है वैक्सीन ही जान बचाए, हालांकि अब डाटा यह

कोवैक्सीन 617 वेरिएंट पर कारगर -डॉक्टर एंथनी फाउची : भारत में बनी कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन काफी असरदार हैं, व्हाइट हाउस के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉक्टर एंथनी फाउची ने कहा कि हाल ही में एक डाटा कोविड-19 का कौन वाले सेंट शेरा और भारत में उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रहा था, जिन्होंने वैक्सीन ली है इसमें पाया गया है कि यह 617 वेरिएंट्स पर असरदार है हम अभी भी रोज वैक्सीन से जुड़ा डाटा जुटा रहे हैं-एक डोज से ही घर में संक्रमण का खतरा 50% होता है कम

एक डोज से ही घर में संक्रमण का खतरा 50% होता है कम

वैक्सीन स्पेशलिस्ट डॉक्टर पीटर इंग्लिश के अनुसार वैक्सीन को लेकर की गई इस रिचार्ज के नतीजे उत्साहवर्धक हैं, इससे पता चलता है कि टीकाकरण से हुई इम्यूनिटी हासिल करने में भी मदद मिल सकती हैं, इस विचार से एक और बड़ी बात यह पता चलती है कि टीका लगवाने के बाद तो व्यक्ति संक्रमण से बचाता ही हैं, इसके अलावा वह दूसरों को भी संक्रमित करने से बच जाता है, यानी टीका लगे व्यक्ति के द्वारा वायरस को किसी दूसरे व्यक्ति में पहुंचाने की संभावना ना के बराबर होती हैं, 

साथ ही टीका लगने से व्यक्ति के स्वयं कि संक्रमित होने की संभावना नहीं रहती पर इसका मतलब यह नहीं कि सोशल डिस्टेंसिंग, वह मास्क जैसे उपाय को छोड़ दिया जाए, हमें हमेशा बेवजह भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से बचना है, घर वह घर से बाहर निकलते समय मुंह पर हमेशा मास्क लगाते रहना है, और हाथों को समय-समय पर साबुन या सैनिटाइजर से साफ करते रहना है- यही हमारा करोना संक्रमण से बचाव का साधन है

देवेंद्र कुमार टांक  E-समाचार.इन (जनता की आवाज)

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