भारत में ई- शॉपिंग की नई क्रांति

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भारत में ई- शॉपिंग की नई क्रांति
भारत में ई- शॉपिंग की नई क्रांति

नई दिल्ली :  भारत में ई-शॉपिंग की नई क्रांति – कोरोना महामारी के प्रकोप की वजह से पिछले कुछ माह के दौरान हमने कई बदलाव देखे हैं इनमें एक बड़ा बदलाव लोगों की खरीदारी की आदतों और पैटर्न में भी हुआ है बाजारों में भीड़ से बचने और सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के मद्देनजर भारत में ऑनलाइन शॉपिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है

अगर हम केवल इस त्योहारी सीजन की बात करें तो शोध फर्म रेडी सर की एक रिपोर्ट के अनुसार इस सीजन में e-platform के जरिए खरीदारी में बीते साल के त्योहार सीजन की तुलना में 65  फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है

इस दौरान कुल मिलाकर 830 करोड डॉलर यानी करीब 61000  करोड़ की बिक्री हुई है,  यह इस बात का संकेत है कि भारत अब ई-कॉमर्स या शॉपिंग की क्रांति के मुहाने पर खड़ा है अच्छी बात यह है कि यह क्रांति छोटे व्यापारियों व उद्यमियों के हितों की कीमत पर नहीं बल्कि उनके साथ व उनके सहयोग से ही होगी

कोरोना की आपदा बदली अवसर में : कोरोनावायरस क्रोध की बड़ी वजह तो है ही संक्रमण के डर से लोग बाजारों में जाने से बच रहे हैं ऑनलाइन ही उत्पादों के कैटलॉग चेक करने और चेक क्लिक पर सामान की डिलीवरी घर तक होने या स्टोर पर ही नियत समय पर उसे पिक करने की सुविधा ने बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर तो लोगों की सक्रियता को बढ़ाया ही है

लेकिन बड़ी बात यह है कि अब छोटे व्यापारी और किराना स्टोर्स के मालिक भी अपने ग्राहकों को डिजिटल और होम डिलीवरी की सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत को महसूस कर रहे हैं इसलिए वह भी बड़ी तेजी से डिजिटल पेमेंट और वॉलेट इंटीग्रेशन को अपना रहे हैं बड़े कॉरपोरेट ब्रांच के अलावा कई क्षेत्रीय ब्रांच ने भी अपने क्षेत्र की दुकानों को ई-कॉमर्स के साथ जुड़ा है

सस्ते मोबाइल व डाटा पैक ने आसान की राह :  इसी साल फरवरी में पेपर की एक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 10 में से सात व्यक्ति मोबाइल के जरिए ही खरीदारी करते हैं इसलिए हमारे यहां कुल ऑनलाइन बिक्री में 51 पीस टी मोबाइल के जरिए हो रही हैं छोटे शहरों और कस्बों में भी मोबाइल और इंटरनेट तक लोगों की बढ़ती पहुंच इसकी बड़ी वजह हैं क्योंकि मोबाइल और रेट आपके दोनों  सस्ते  हुए हैं

बजे से इंटरनेट इस्तेमाल का समय बढ़ा है इससे उन लोगों तक भी उत्पाद और उनसे जुड़ी सेवाओं की जानकारी उसने लगी है जो कुछ साल पहले तक उपलब्ध नहीं थी इस कारण छोटे शहरों के उपभोक्ताओं की भी खून बढ़ता जिंदगी जीने की महत्वाकांक्षा जागी है यह महत्वाकांक्षा पूरी हो रही है यह कॉमर्स के प्लेटफार्म पर उपलब्ध  ढेरों विकल को विकल्पों के जरिए

भारत में ई- शॉपिंग की नई क्रांति

बुनियादी ढांचे में सुधार से बढ़ेगा व्यापार :  ई-कॉमर्स क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में लगातार सुधार हो रहा है दो बड़े कॉर्पोरेट समूह जिओमार्ट और टाटा के भी क्षेत्र में उतरने से ई-कॉमर्स के पूरे इको सिस्टम में बदलाव होगा इससे डिलीवरी का बुनियादी ढांचा  बेहतर बनेगा तो हर सर्विस प्रोवाइडर अपनी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवा सकेगा

और उपभोक्ताओं को शॉपिंग के अच्छे अनुभव मिल सकेंगे ई-कॉमर्स कंपनियों को बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार के लिए 4.32 अरब डॉलर का निवेश हासिल हुआ है बुनियादी ढांचे में सुधार की बदौलत साल 2021 तक भारत में कॉमर्स के व्यापार के करीबन 84 अरब डॉलर ( लगभग ₹6175 अरब) तक पहुंचने की संभावना है या आंकड़ा इतना बड़ा है कि इसमें छोटे बड़े सभी प्लेयर्स के लिए मौके रहेंगे

छोटे व्यापारियों को जोड़ने की कवायद :  अक्सर इस बात की शिकायत की जाती है कि कॉमर्स बिज़नेस में बढ़ोतरी से छोटे व्यापारियों के हित प्रभावित होंगे लेकिन अब छोटे पैरों की इस चिंता को अमेज़न जैसे बड़े प्लेटफार्म समझने लगे हैं कुछ अरसा पहले ही अमेजन ने छोटे व्यापारियों को दिल्ली सक्षम बनाने के मकसद से 1 अरब  डॉलर के निवेश की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की थी

जिओमार्ट पहले से ही छोटे व्यापारियों को  उद्यमियों के लिए बुनियादी सुविधाओं के सुधार पर व्यापक निवेश की योजना की घोषणा कर चुका है किराना किंग जैसे क्षेत्रीय प्लेटफार्म राजस्थान में हजारों किराना स्टोर्स को अपने साथ लाए हैं इससे छोटे किराना स्टोर भी ई-कॉमर्स नेटवर्क का हिस्सा बनकर अपने उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी कर सकेंगे

2026 तक 200 अरब डॉलर का हो जाएगा भारत में ई कॉमर्स का बाजार जो 2017 तक केवल 30 अरब डॉलर था,  2021 तक 75  डॉलर  होने की उम्मीद है भारत में प्रति यूजर ऑनलाइन शॉपिंग का राजस्व,  जो 2017 तक केवल 50  डॉलर था – भारत में ई-शॉपिंग की नई क्रांति

न्यूज :- देवेंद्र कुमार टांक

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