दालों का आयात खुलने से 1 महीने में 20% तक कम हुई कीमतें

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एजेंसी/ भोपाल/ नई दिल्ली/ ई समाचार मीडिया/ देवेंद्र कुमार टाक : देश में खाद्य तेलों के बाद अब दालों में भी गिरावट का रुझान देखा जा रहा है, बीते 15 मई को आया था खुलने के बाद से अब तक दालों में 20% तक गिरावट आई है दालों में गिरावट आगे भी जारी रह सकती हैं, क्योंकि अभी मांग भी कमजोर है-दालों का आयात खुलने से 1 महीने में 20% तक कम हुई कीमतें

दालों का आयात खुलने से 1 महीने में 20% तक कम हुई कीमतें

बीते 20 दिन में मूंग दाल के भाव सबसे ज्यादा 20% घटे हैं इस दौरान तुवर और उड़द दाल के भाव में भी 15% तक गिरावट देखी गई है, चना दाल भी 10 फ़ीसदी तक सस्ती हुई है, दाल मिलर संजय काबरा ने कहा कि कोविड-19 कर लगाई गई पाबंदियों पूरी तरह हटने तक मांग कमजोर बनी रहेगी, इसी बीच भाव बढ़ने की आशंका नहीं है

इसके बाद भी दाम बढ़ने की आशंका कम है, क्यों साल देश में दलहन का रकबा 69 फ़ीसदी बना है यानी उत्पादन में भारी बढ़ोतरी होने वाली है देश में दालों की सालाना खपत के करीब आधे का आयात करना पड़ता है, यही वजह है कि आयात खुलने के बाद दालों के भाव गिरने लगे हैं ऑल इंडिया दाल मिलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुरेश अग्रवाल ने कहा कि कुछ महीनों तक दालों के भाव स्थिर रह सकते हैं

मूंग उड़द चना एमएसपी से नीचे : उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है लेकिन किसानों को इससे नुकसान होगा, मूंग उड़द और चने के भाव एमएसपी से नीचे आ गए हैं सबसे ज्यादा नुकसान मूंग की खेती करने वाले किसानों को होगा

इस साल दलहन का रकबा 69% बढ़ा : इस साल मई तक दलहन का रकबा 69% बढ़कर 17.75 लाख हेक्टेयर हो गया है, मूंग का रकबा 8.29 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 14.42 लाख हेक्टेयर और  उड़द का रकबा 1.95 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.94 लाख हेक्टेयर हो गया है

आयात खोलने की जरूरत नहीं थी : दालों के भाव में इतनी तेजी नहीं आई थी कि इनका आयात खोलने की जरूरत हो, अब्बा बिस्तर पर आ गए कि ज्यादा गिरावट की गुंजाइश ही नहीं बची है- सुरेश अग्रवाल प्रेसिडेंट ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन-दालों का आयात खुलने से 1 महीने में 20% तक कम हुई कीमतें

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक E-समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

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