भू – माफिया ने सरकारी जमीन बेची

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उदयपुर : भू – माफिया ने सरकारी जमीन बेची-  यूआईटी की ज़मीन का धड़ले से बेचैन कर रहे है भू – माफिया – आज कल शहर में भू -माफिया द्वारा अवैध जमीनों पर कब्ज़ा कर उसे बेचने के कही मामले सामने आ रहे है , शहर में सज्जनगढ़ , बलीचा, सवीना कही ऐसी बहुत सी जगह है जहा से ऐसे मामले दिन प्रति दिन सामने आते जा रहे है।

इसमें कही न कहि प्रशसन की मिलीभगत कहे या प्रशासन द्वारा करवाई के नाम पर सिर्फ लीपा पोती करना ही लगता है , इसी कारन से भू – माफिया बेखौफ होकर पुरे शहर की हरियाली व सुंदरता का विध्वंस करने में दिन रात लगे हुए है। भू – माफिया द्वारा उदयपुर शहर के खूबसूरत पहाड़ो काट – काट कर शहर की प्राकृतिक सुदंरता को काफी हानि पहुचायी है।


ऐसा ही मामला आज शनिवार को देखने को मिला यहाँ शहर के समीप देबारी से मटून मार्ग पर स्थित छपरिया मगरी, ओर कॉपरफाला की चरनोट भूमि पर कब्जे को लेकर शनिवार सुबह प्रतापनगर थाना पुलिस और यूआईटी की टीम मौके पर पहुंची तो कही बीघा ज़मीन अवैध कब्जे में पायी गयी , कुछ चरनोट भूमि पर भू – माफियाओं ने प्लॅनींगे काट रखी है।

इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए एक रिपोर्ट अपने उच्च अधिकारियों को सौपी गयी है। इस करवाई को देख अवैध रूप से ज़मीन बेचने वालो में हड़कंप मच गया, वही मौके पर चल रहे अवैध निर्माण तुरंत बंद कर दिए गए। इधर यूआईटी सचिव ने संबंधित पटवारी, इंस्पेक्टर से पूरी रिपोर्ट मांगी है।

उदयपुर में भू- माफिया द्वारा कही जगहों पर अवैध निर्माण

महज स्टैम्प पर हो रही है सौदेबाजी : यूआईटी की ज़मीन पर भू -माफियाओं की और से कब्जे दिए जा रहे है। कब्जो को ओने पोन दामों में बेचा जा रहा है। सस्ती दरों में भूखंड मिलने के लालच में लोग भूमाफियाओं चुंगल में फस रहे है। दोनों पक्षों के बिच ज़मीन का सौदा महज स्टाम्प पेपर पर हो रहा है, जबकि ज़मीन सरकारी होने के कारण नियमनुसार बेचैन नहीं किया जा सकता।

आबादी भूमि की आड़ में लूट का खेल : यूआईटी की ज़मीन का धड़ले से बेचैन कर रहे है भू – माफिया- चापरिया मगरी और कोपराफला की कुल 116 बीघा ज़मीन सरकारी रिकॉर्ड में चरनोट भूमि है, जो यूआईटी को हस्तांतरित हुई थी। इस ज़मीन के पास ही मटून खाद्यान भण्डार के पास महज दो बीघा ज़मीन आबादी श्रेणी की भूमि मात्र है। इसी की आड़ में लम्बी चौड़ी सरकारी ज़मीन का अवैध रूप से लगातार बेचान करते हुए कब्जे किए जा रहे है – भू – माफिया ने सरकारी जमीन बेची

भू -माफिया को यूआईटी से पनाह मिलने की आशंका : सरकारी ज़मीन के सरक्षण को लेकर लोगों ने पहले भी कही बार शिकायतें यूआईटी को की, लेकिन करवाई के बजाय शिकायतकर्ता के विरुद्ध मोर्चा खुल जाता है। ऐसे बर्ताव के चलते अब लोगों ने शिकायत करना ही छोड़ दिया है।

शहर में कुछ लोगों से जब हमारे संवाददाता देवेंद्र कुमार टांक ने बातचीत की तो सामने आया है की यूआईटी में पहले भी कही भू-माफियाओं के नाम बताते हुए शिकायते की, लेकिन अगले ही दिन कतिपय लोगों के पास शिकायतकर्ताओं के नाम पहुंच गए , जिससे आपसी रंजिस और जगड़े के हालत बन गए।  

ऐसे में लोगों ने अब शिकायत करना ही छोड़ दिया।  लोगों का मानना है की। इसमें यूआईटी के कर्मचारियों की मिली भगत है जिसके कारण शिकायतकर्ताओं के नाम उजागर कर भूमाफियाओं को पनाह दी जा रही है


देवेंद्र कुमार टांक 
एडिटर एन्ड डायरेक्टर
 

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