पॉजिटिव दंपति को नागपुर में 198 अस्पतालों ने नहीं किया भर्ती-सूरत आकर हुए भर्ती

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हेल्थ रिपोर्ट/ नागपुर/ सूरत/ ई समाचार/ देवेंद्र कुमार टाक :  इस दंपति की 2 हफ्ते पहले खराब हुई थी तबीयत, नहीं मिला बेड और ऑक्सीजन, नागपुर के सभी हॉस्पिटलों ने उन्हें भर्ती करने से कर दिया मना, तो यह दंपति मजबूरी में ₹65000 किराया देकर एंबुलेंस से सूरत पहुंचे, सूरत के एक कोरोना नमो आइसोलेशन सेंटर में भर्ती हुए 10 दिन उनका इलाज चला और अभी वह ठीक होकर घर लौट गए- पॉजिटिव दंपति को नागपुर में 198 अस्पतालों ने नहीं किया भर्ती- सूरत आकर हुए भर्ती

पॉजिटिव दंपति को नागपुर में 198 अस्पतालों ने नहीं किया भर्ती- मजबूरी में सूरत आकर हुए भर्ती

जी हां यह एक कहानी है जो हम सब को विचलित कर देती हैं, कि एक दंपति को अपना इलाज कराने के लिए कितनी तकलीफ उठानी पड़ी, अपना शहर छोड़कर दूसरे शहर में जाकर, ज्यादा पैसे खर्च करके इलाज करवाना पड़ा

कोरोना पॉजिटिव दंपति को नागपुर में इलाज नहीं मिला, इस दंपति ने नागपुर में 198 हॉस्पिटलों का दरवाजा खटखटाया लेकिन ईश्वर का खेल समझे या इंसान की दरिद्रता गया इस दंपत्ति का बुरा समय की 198 हॉस्पिटलों में से किसी ने प्रति नहीं किया, वह एंबुलेंस में ऑप्शन के साथ सूरत आ गए, यहां के एक आइसोलेशन सेंटर में 10 दिन के इलाज के बाद दंपति पूरी तरह स्वस्थ हो गए

पति पत्नी को बुधवार को आइसोलेशन सेंटर से घर जाने की छुट्टी दे दी गई मूलरूप से यूपी के प्रयागराज निवासी और नागपुर में रहने वाले बृजेश कुमार त्रिपाठी (53) कांट्रेक्टर है बृजेश और उनकी पत्नी अनुपमा (47) कि 2 हफ्ते पहले तबीयत खराब हो गई थी 17 अप्रैल को दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, अनुपमा का ऑक्सीजन लेवल लगातार कम हो रहा था फेफड़ों में 60% तक कोरोना का असर था

नागपुर के किसी भी अस्पताल में दंपति को बेड और ऑक्सीजन नहीं मिली, दोनों ने 198 अस्पतालों के चक्कर लगाए, पर में, कई अस्पताल प्रोफाइल देख कर ही निकाल देते थे, उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था, सूरत में रहने वाले बहनोई ने बृजेश से बात की 

उसके बाद बहनों ने पर्वत गांव में नमो कोविड-19 लेशन सेंटर चलाने वालों में से एक कॉरपोरेटर दिनेश पुरोहित से बात की तो, उन्होंने सूरत आने के लिए कहा, फिर बृजेश अपनी पत्नी के साथ एंबुलेंस में ऑक्सीजन के साथ नागपुर से सूरत आए- नागपुर से सूरत आने के लिए बृजेश ने ₹65000 एंबुलेंस के अदा की है 

बृजेश कुमार ने बताया कि वह 13 घंटे में 750 किलोमीटर की दूरी तय करके 18 अप्रैल को सूरत आए थे, उनकी पत्नी अनुपमा त्रिपाठी ऑक्सीजन पर थी उनका ऑक्सीजन लेवल घटकर 82 पर आ गया था ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं होता तो ऑक्सीजन लेवल और नीचे आ जाता, नमो आइसोलेशन सेंटर में उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन भी दिया गया-पॉजिटिव दंपति को नागपुर में 198 अस्पतालों ने नहीं किया भर्ती- सूरत आकर हुए भर्ती

बुधवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई स्वस्थ होने के बाद अनुपमा त्रिपाठी ने कहा कि अब इस आइसोलेशन सेंटर में दूसरे मरीजों की सेवा करने की इच्छा है उन्होंने बताया कि नागपुर से सूरत आने के लिए एंबुलेंस वाले को ₹65000 किराया चुकाने पड़े थे 

देवेंद्र कुमार टांक  E-समाचार.इन (जनता की आवाज)

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