प्रवासी कामगारों पर वैक्सीन सर्टिफिकेट को लेकर संकट

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सीकर/ जयपुर/ राजस्थान/ ई समाचार मीडिया/ देवेंद्र कुमार टाक : राजस्थान के सीकर जिले में देश से बाहर जाने वाले कामगारों को नहीं मिल रहा वैक्सीन का सही प्रमाण पत्र- पहले कोर्णाक वजह से बेरोजगारी का दर्द मिला हुआ है और अब सरकारी लापरवाही के कारण विदेश जाने वाले कामगारों को पहले वैक्सीनेशन के लिए महीनों इंतजार करना पड़ा और अब वैक्सीन आ गई लेकिन उनकी परेशानी कम नहीं हुई है-प्रवासी कामगारों पर वैक्सीन सर्टिफिकेट को लेकर संकट

प्रवासी कामगारों पर वैक्सीन सर्टिफिकेट को लेकर संकट

प्रदेश के 1 लाख से अधिक कामगार खाड़ी देशों में जाने की तैयारी में है, अगले महीने से कंपनियों की ओर से बुलावा आ सकता है, लेकिन सैकड़ों कामगारों को वैक्सिंग का सही प्रमाण पत्र ही नहीं मिल पा रहा है, इस बीच केरल सरकार ने प्रवासी कामगार, विद्यार्थी व खिलाड़ियों के वैक्सीनेशन के प्रमाण पत्र के लिए अलग से साइट शुरू कर दी है

जिसके जरिए यह लोग बड़ी आसानी से अपना प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं, राजस्थान राज्य के कामगारों का कहना है कि राजस्थान सरकार ने भी कामगारों के लिए साइट जरूर चालू की है परंतु इस साइट पर व्यवस्था बिगड़ी हुई है-इस साइड से वैक्सिंग का प्रमाण पत्र डाउनलोड ही नहीं होता है, और अगर कुछ प्रमाण पत्र डाउनलोड हो रहे हैं उनमें भी काफी तरह की खामियां हैं

प्रवासी कामगारों का कहना है कि राजस्थान में वैक्सीनेशन पंजीयन के लिए सरकार की ओर से अलग से साइड दी हुई है जिसका नाम  को- विन है, इस पर जब पंजीयन कर आते हैं तो पासपोर्ट के पहले और आखिरी पन्ने के साथ वीजा व कंपनी का अनुबंध लेटर मांगा जाता है लेकिन प्रमाण पत्र में इन्हें लिंक नहीं किया जा रहा है–जिससे कामगारों को खाड़ी देशों में जाने के लिए कठिनाइयां आ सकती है

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत देश से बाहर जाने वाले कामगार, विद्यार्थी, खिलाड़ी अब 84 दिन के बजाय 28 दिन में ही ले सकेंगे कोरोना की दूसरी डोज : प्रवासी कामगार, विद्यार्थी व खिलाड़ियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी की है इसमें यह बताया गया है कि इन सभी को 28 दिन के बाद ही कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा सकेगी- मंत्रालय ने सभी जिलों में इसके लिए एक सक्षम अधिकारी नियुक्त करने के लिए भी कहा है 

आइए हम आपको कुछ प्रत्यक्ष मामलों से समझाते हैं प्रवासियों का दर्द :

1. 2 दिन से नहीं लग रहा है कोरोना का टीका : सीकर निवासी शुभकरण सैनी ने बताया कि वह कुवैत में कई साल से काम कर रहे थे, कोरोना काल में अपने देश भारत आ गए अब पिछले 2 दिन से साइट पर वैक्सीन बुक करने के लिए जा रहे हैं, लेकिन टीका नहीं लग पा रहा, प्रवासी कामगार शरीफ की दिक्कत है कि कंपनी की ओर से पासपोर्ट से लिंक हुआ प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है- परंतु साइड से जो प्रमाण पत्र अपलोड हो रहा है उसमें पासपोर्ट एवं वीजा नंबर अंकित नहीं है

2. सीकर जिले के बेरी इलाके के रेवतराम पिछले 1 महीने से टीके का इंतजार कर रहे थे जैसे तैसे प्रशासन ने एस के स्कूल में टीकाकरण अभियान भी शुरू करवा दिया, उनको कोरोना का टीका भी लग गया परंतु उनका कहना है कि उन्होंने पंजीयन के लिए पासपोर्ट नंबर सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए थे, लेकिन प्रमाण पत्र पर पासपोर्ट नंबर अंकित होकर नहीं आ रहे हैं

3. सीकर जिले के फतेहपुर निवासी मोहम्मद शरीफ ने पहला टीका आधार कार्ड से लगवा लिया, इस समय तक प्रवासियों के लिए अलग से टीकाकरण के इंतजाम भी नहीं थे, लेकिन अब वह दूसरा डोस पासपोर्ट के जरिए लगवाना चाहता है लेकिन संशोधन नहीं हो रहा है, आखिर में शनिवार को ई-मित्र के जरिए ऑनलाइन शिकायत भेजी- परंतु कोई समाधान अभी तक नहीं हुआ है-प्रवासी कामगारों पर वैक्सीन सर्टिफिकेट को लेकर संकट

वैक्सीनेशन के प्रमाण पत्र को लेकर विदेश मंत्रालय के निम्न आदेश है :

1. पासपोर्ट नंबर के साथ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा

2. दूसरे दोस्त के बाद पासपोर्ट नंबर के आधार पर वैक्सीन सर्टिफिकेट जारी कर सकेंगे

3. सर्टिफिकेट पर सिर्फ कोविशील्ड लिखना प्राप्त होगा, वैक्सीन की अन्य जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक E-समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

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