3 कर्मी को के हस्ताक्षर के बाद मरीजों को लगेगा रेमडेसिवीर इंजेक्शन

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हेल्थ रिपोर्ट/ उदयपुर/ ई समाचार मीडिया/ देवेंद्र कुमार टाक : उदयपुर एमबी चिकित्सालय में 3 कर्मी को की अनुशंसा के बाद किसी भी कोरोना मरीज को रेमडेसिवीर इंजेक्शन लगाया जाएगा, आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर लाखन पोसवाल ने आदेश जारी किए हैं कि इंजेक्शन रेमडेसिवीर वह टोसिलीजुमेव ऑक्सीजन का उपयोग एवं प्रोटोकॉल व डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुरूप होगा-3 कर्मी को के हस्ताक्षर के बाद मरीजों को लगेगा रेमडेसिवीर इंजेक्शन

3 कर्मी को के हस्ताक्षर के बाद मरीजों को लगेगा रेमडेसिवीर इंजेक्शन

दोनों इंजेक्शन व ऑक्सीजन के उपयोग के लिए वार्ड प्रभारी, नरसिंह इंचार्ज व यूनिट हेड, जो कोविड-19 लिए अधिकृत किए गए हैं उनके हस्ताक्षर अनुशंसा के बाद इससे डीडीसी से यीशु करवाया जाएगा, तभी यह इंजेक्शन मरीज को लग पाएंगे, बिनाइन अधिकृत कर्मचारी के बिना हस्ताक्षर के किसी को इंजेक्शन दिया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी

महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय : यहां कोविड-19 वह सभी रोगियों की देखभाल मेडिसिन की यूनिट महाविद्यालय द्वारा संचालित ईएसआई, डीसीएच में डेडीकेटेड कोविड-19 मैनेजमेंट टीम की ओर से की जाएगी, सभी आईसीयू में अनिवार्य रूप से मेडिसिन हुआ एनेस्थीसिया के डिजिटेंट राउंड दी क्लॉक कार्य करेंगे

जिन व्हाट्सएप में मेडिसिन के स्थान पर अन्य विभाग के रेजिडेंट लगाए गए हैं वहां  राउंड द क्लॉक जनरल मेडिसिन, पलमोनरी मेडिसिन वह पीडियाट्रिक्स विभाग के सीनियर रेजिडेंट को ऑन द फ्लोर ड्यूटी पर लगाया जाएगा

खेमराज कटारा सेटेलाइट चिकित्सालय हिरणमगरी सेक्टर-5 : सीएससी में रोगियों की देखभाल चिकित्सा अधिकारी करेंगे, अस्पतालों में रोगियों के परिजनों का संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, केवल वार्ड, आईसीयू में कार्यरत चिकित्सक चिकित्सा अधिकारी की अनुशंसा पर हेल्प डेस्क से रोगी की शारीरिक व मानसिक स्थिति पता की जा सकेगी, केवल एक परिजन को पास जारी होगा

इमरजेंसी मैं यदि मरीज आते हैं और उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है तो ऐसे मरीज को बिना देरी किए हुए उसी वक्त वहीं पर तत्काल सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम या सिलेंडर से ऑक्सीजन दी जाएगी इसकी जिम्मेदारी इमरजेंसी प्रभारी सीएमएओ व आरएमओ की रहेगी

राज्य सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार हॉस्पिटल में भर्ती गंभीर रोगी की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जाएगा : यदि कोई गंभीर रोगी जिसका उपचार हो चुका है और वह स्वस्थ होने लगा है तो उसका आरटी पीसीआर टेस्ट होगा, इसके बाद ही उसे डिस्चार्ज किया जाएगा साथ ही यह देखा जाएगा कि वह स्वस्थ यानी रिकवर फ्रॉम ऑल क्लीनिकल सिम्टम्स हो

राज्य सरकार ने गत पिछले दिनों नई गाइडलाइन जारी की है- इसके अंतर्गत एसिंप्टोमेटिक, वेरी माइल्ड प्री  एसिंप्टोमेटिक केस- इस वर्ग के सभी रोगियों को होम आइसोलेशन में रखने का प्रावधान है, 3 दिन में रोगी को बुखार नहीं रहता ऐसे रोगी को 10 दिन बाद डिस्चार्ज किया जाना चाहिए, होम आइसोलेशन रोगी को डिस्चार्ज करने से पहले आरटी पीसीआर टेस्ट की जरूरत नहीं है

मॉडरेट केस : मध्यम श्रेणी के रोगी जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है वह उपचार करने के बाद गत 3 दिन में रोगी को बुखार नहीं है वह ऑक्सीजन सपोर्ट की भी जरूरत नहीं है तो ऐसे रोगियों को 10 दिन बाद डिस्चार्ज किया जा सकता है रोगी को डिस्चार्ज करने से पहले rt-pcr की जरूरत नहीं है

सीवियर केस : गंभीर रोगी के स्वस्थ होने के बाद उसका आर्टिफिशियल टेस्ट किया जाएगा जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें 7 दिन तक पूरी निगरानी में होम आइसोलेशन में रखा जाएगा -3 कर्मी को के हस्ताक्षर के बाद मरीजों को लगेगा रेमडेसिवीर इंजेक्शन

देवेंद्र कुमार टांक  E-समाचार.इन (जनता की आवाज)

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