अनलॉक होते ही राज्य में घूसखोरी के 168% बड़े केस

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क्राइम रिपोर्ट/ उदयपुर/ जयपुर/ ई समाचार मीडिया/ बेतवा भूमि समाचार/ देवेंद्र कुमार टाक :भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कोरोना का हाल की दूसरी लहर के कुछ कमजोर पड़ते ही राज्य में अनलॉक हो गया- एसीबी द्वारा घूसखोरी में लिप्त अधिकारियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं-अनलॉक होते ही राज्य में घूसखोरी के 168% बड़े केस

अनलॉक होते ही राज्य में घूसखोरी के 168% बड़े केस

अनलॉक होते ही सभी सरकारी दफ्तरों में कार्यकाल होना शुरू हो गया इसके साथ ही भ्रष्ट कर्मचारियों ने घूसखोरी की झड़ी लगा दी, परंतु लोगों में जागरूकता के कारण ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों तक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो आसानी से पहुंच रहा है और इन अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही कर रहा है

देखते ही देखते सिर्फ 16 दिनों में प्रदेश भर में 27 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए हैं, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रिश्वत के मामलों की पड़ताल में कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, दूसरी लहर के बाद शहर अनलॉक हुए तो बाजार तो धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है, और सामान्य ग्रह की की तुलना में 60% बिक्री हो रही है

लेकिन रिश्वत के मामले में 200% केस बढ़ गए हैं, एसीबी ने जनवरी 2020 से 16 जून 2021 तक प्रदेश भर में कुल 495 कार्रवाई की है, इनमें से 157 कार्रवाई दोनों लोग डाउन से पहले हुई, 282 कार्रवाई अनलॉक के बाद की गई है, प्रदेश में 2021 में 42 दिन लॉकडाउन रहा, इस दौरान एसीबी ने 28 घूसखोरी के मामले पकड़े हैं, वहीं जून में 1 लोग होते ही 16 दिन में कुल 27 मामले एसीबी द्वारा दर्ज किए गए हैं

यानी लॉकडाउन में 66.66% की दर से रिश्वत के मामले सामने आ रहे थे, वही अनलॉक होते ही इन मामलों की संख्या बढ़कर 168.75% ,चौंकाने वाली बात यह है कि कोरोना की पहली लहर हो या दूसरी रिश्वतखोरी कभी रुकी ही नहीं, चाहे बाजार सहित सभी काम बंद थे, पिछले साल 22 मार्च से 31 मई तक यानी 70 दिन में 28 लोकसेवक रिश्वत लेते पकड़े गए

इसी तरह इस साल 19 अप्रैल से लेकर 31 मई तक यानी 43 दिन राज्य में लॉकडाउन रहा और एसीबी ने 27 लोकसेवकों घूसखोरी के मामले में ट्रैप किया,दोनों लॉकडाउन के दौरान एसीबी ने कुल 55 घूसखोरों को ट्रैप  एवं उन्हें गिरफ्तार करके उन पर कार्रवाई की गई, प्रदेश में ट्रैप की कार्रवाई में जयपुर जिला सबसे  ऊपर है

दूसरे नंबर पर कोटा और जोधपुर जिला है, जबकि उदयपुर जिले का तीसरा नंबर आता है, यहां 2019 में 10 2020 में 12 और 2021 ( जून माह तक) में एसीबी द्वारा कुल 7 कार्रवाई हुई है, राज्य में अनलॉक होने के बाद एसीबी के सामने कई ऐसे मामले आए हैं ,जिसमें रिश्वत लेने वाले अधिकारियों- कर्मचारियों ने परिवारों को दबाव बनाकर कार्यालय बुलाया या फिर फोन पर संपर्क कर उन पर दबाव बनाकर उनके कार्य को करवाने की एवज में रिश्वत मांगी गई

ऐसा ही एक प्रकरण सलूंबर तहसील में भी देखने को मिला है, जिसमें उदयपुर एसीबी ने सपटवारी राजेंद्र सिंह को ट्रैप  किया था, पटवारी लॉकडाउन और हड़ताल के कारण रिश्वत नहीं मांगता रहा था, जैसी अनलॉक हुआ परिवादी को फोन पर कहा अब तो आ जाओ लोग दन खत्म हो गया है- पैसे दे दो और अपना काम करवा लो

एसीबी द्वारा राज्य में डेढ़ साल में की गई करवाई :

1. आईएएस अधिकारी : 9 दिसंबर 2020 को बारां कलेक्टर इंद्रा सिंह को पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने की एवज में 1 .40 लाख रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया था 

2आईपीएस अधिकारी : दौसा के एसपी रहे मनीष अग्रवाल 10 लाख रूपये की रिश्वत लेने के मामले में 3 फ़रवरी को एसीबी द्वारा गिरफ्तार किया गया 

3. आरपीएस अधिकारी : 11  दिसंबर को सवाई माधोपुर चौकी पर तैनात डीएसपी भेरूलाल 80 हजार रूपये की रिश्वत लेते एसीबी द्वारा रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया 

4. आरएएस अधिकरी :  3 फ़रवरी को बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा और 14 जून को लसाड़िया एसडीएम सुनील कुमार को 50 हजार रूपये घुस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया 

एसीबी एडीजी दिनेश एमएन की अपील : कोई भी रिश्वत मांगे तो टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत – कोई भी सरकारी/ निधि अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करें तो टोल फ्री नंबर और व्हाट्सएप नंबर पर शिकायत की जा सकती हैं इन नंबर पर मिलने वाली आधी से ज्यादा शिकायतें में ट्रैक की कार्रवाई हुई है-अनलॉक होते ही राज्य में घूसखोरी के 168% बड़े केस

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक E-समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

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