एमबी अस्पताल में मिलते ही दो पहिया पर 10 और चौपाई या पर 40 रुपए पार्किंग चार्ज

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कोरोना का दौर अन्य रोगियों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गया है

हेल्थ रिपोर्ट/ उदयपुर/ ई समाचार मीडिया/ देवेंद्र कुमार टाक : राज्य सरकार संभाग के सबसे बड़े एमबी अस्पताल में ₹10 शुल्क वाली ओपीडी- आईपीडी पर्ची पर हर साल भर्ती होने वाले 16 लाख मरीजों को मुफ्त इलाज दे रही है, वहीं अस्पताल का प्रशासन परिसर में दोपहिया वाहन की एंट्री पर ही 10 और 24 घंटे पार करने के ₹40 तक की वसूली कर आ रहा है-एमबी अस्पताल में मिलते ही दो पहिया पर 10 और चौपाई या पर 40 रुपए पार्किंग चार्ज

उदयपुर में कोरोना का कहर जारी

अस्पताल प्रशासन ने इस फार्म को डिजिटल पार्किंग का ठेका दिया है, उसे दो पहिया वाहनों की एंट्री पर 10 रुपए, 3 घंटे पार्किंग के 20 रुपए, एवं 24 घंटे पार्किंग के 40 रुपए और 7 दिन पार्किंग के 100 रुपए वसूलने की छूट दी है, चार पहिया वाहनों की एंट्री पर 20 रुपए, 3 घंटे पार्किंग के 30 रुपए, एवं 24 घंटे पार्किंग के 100 रुपए और 7 दिन पार्किंग के 300 रुपए तक है-वहीं अस्पताल का प्रशासन परिसर में दोपहिया वाहन की एंट्री पर ही 10 और 24 घंटे पार करने के ₹40 तक की वसूली कर आ रहा है

ठेकेदार इतनी भारी वसूली के बावजूद रसीद पर लिख कर दे रहा है कि वाहन चोरी होने का जोखिम वाहन मालिकों का खुद का रहेगा, इससे पहले एमबी में दोपहिया को पार करने पर 10 तो चौपाइयां वाहन को पार करने पर ₹20 शुल्क लगता था, वाहनों के एंट्री पर कोई शुल्क नहीं था, जबकि एयरपोर्ट पर एंट्री के 8 मिनट तक भी कोई चार्ज नहीं लिया जाता है

अस्पताल की डिजिटल पार्किंग के विरोध में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने एमबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. R L सुमन के दफ्तर के बाहर विरोध- प्रदर्शन किया, आरोप लगाया कि पार्किंग को 20 जून को शुरू होना था लेकिन वसूली 13 दिन पहले से शुरू कर दी है, बता दे, आरएनटी में हर वक्त 2000 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं, परिसर में प्रतिदिन 12  से 15 हजार लोगों की आवाजाही के चलते रोज 2000-3000 वाहन आते जाते हैं, हालांकि लोगों के विरोध के बाद अस्पताल अधीक्षक आर एल सुमन ने रात 10:00 बजे आदेश जारी करके समाजसेवी, मीडियाकर्मी, रक्तदाता, जनप्रतिनिधि के लिए निशुल्क पार्किंग के आदेश जारी कर दिए हैं

डिजिटल पार्किंग का विरोध किया है, एमबी, बाल चिकित्सालय, जनाना, कार्डियोलॉजी और ट्रॉमा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग वाले गंभीर रोगी आते हैं, पदाधिकारियों का कहना है कि मरीजों को प्रवेश द्वार पर ही लाइन में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा, इसमें किसी की जान भी जा सकती हैं

एंबुलेंस के लिए केवल आधे घंटे का प्रावधान भी नाकाफी हैं, मोर्चा जिला अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे और विरोध जताया, भंडारी ने कहा है कि एंट्री पर भी पार्किंग शुल्क वसूली का प्रमाण बिल्कुल स्वीकार नहीं करेंगे,तय दरे कम की जानी चाहिए, वाहन चोरी होने पर भी जिम्मेदारी ठेकेदार की तय होनी चाहिए

टेंडर के अनुसार डिजिटल पार्किंग वसूली 20 जून से शुरू करनी थी, लेकिन 7 जून को ही शुरु कर दी, वहीं इस दौरान ग्रामीण विधायक फूल सी मीना ने भी कहा कि संभाग भर के आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी यहां इलाज कराने आते हैं, उनसे पार्किंग वसूली का निर्णय गलत हैं, विरोध जताने वालों में मोर्चा के महामंत्री गोपाल जोशी, हिमांशु बागड़ी, मोहन गुर्जर, रंजीत दिगपाल, ओम पारीक, कपिल राठौर आदि मौजूद थे

पार्किंग की रसीद पर लिखा हुआ है “पार्किंग एट योर ओन रिस्क”- दूसरी तरफ आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर लाखन पोसवाल का कहना है कि पार्किंग के दौरान वाहन चोरी होता है तो पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की, आरएनटी कॉलेज प्रिंसिपल डॉक्टर लाखन पोसवाल का कहना है कि पार्किंग से मिलने वाले रुपए भी मरीजों के ही काम आएंगे-एमबी अस्पताल में मिलते ही दो पहिया पर 10 और चौपाई या पर 40 रुपए पार्किंग चार्ज-वहीं अस्पताल का प्रशासन परिसर में दोपहिया वाहन की एंट्री पर ही 10 और 24 घंटे पार करने के ₹40 तक की वसूली कर आ रहा है

पार्किंग वाला रुपया ले रहा है तो वहां चोरी होने पर जिम्मेदारी उसी की होगी, बयान के उलट से केदार जो पार्किंग सीधे रहा है उस पर लिखा है पार्किंग एट योर ओन रिस्क यानी जिम्मेदारी पार्किंग करने वालों की है, अगर वहां चोरी हो जाता है तो पार्किंग कराने वाले ठेकेदार की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी, एमबी अस्पताल अधीक्षक डॉ आर एल सुमन ने कहा कि पार्किंग का ठेका टेंडर प्रक्रिया के तहत हैं तय दरे टो वसूलेगा ही 

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक E-समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

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