अमेरिका का दवा वैक्सीन लगने के बाद कोरोना से लोगों को जान का खतरा नहीं

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हेल्थ रिपोर्ट/ एजेंसी/ वाशिंगटन/ एलिस पार्क/ ई समाचार मीडिया/ देवेंद्र कुमार टाक : दुनिया भर में कोरोना वैक्सीन के असर पर विशेषज्ञों द्वारा लगातार रिसर्च जारी है, वैक्सीन लगने के बाद किसी व्यक्ति का कोरोना संक्रमित होना आश्चर्यजनक नहीं है, वैक्सीन नहीं लगवाने वाले लोगों की तुलना में वे लोग कम संक्रमित हुए हैं जिन्होंने वेब सिंह लगवा ली हैं-अमेरिका का दवा वैक्सीन लगने के बाद कोरोना से लोगों को जान का खतरा नहीं

अमेरिका में जनवरी से 30 अप्रैल के बीच वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके 10 करोड़ 10 लाख लोगों के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह पाया कि 10262 लोग ही संक्रमित हुए, यह केवल 0.01% है एक अन्य स्टडी से पता लगा है कि वैक्सीन लगवा चुके 90% हेल्थ वर्कर इंफेक्शन से बचे रहे हैं

अमेरिका का दवा वैक्सीन लगने के बाद कोरोना से लोगों को जान का खतरा नहीं

एमोरी यूनिवर्सिटी में संक्रामक बीमारियों के प्रोफेसर डॉक्टर कार्लोस डेल डेल रियो कहते हैं, इंफेक्शन की इतनी कम दर से प्रमाण मिलता है कि वैक्सीन असर कर रही है, कोई भी वैक्सीन लोगों का इंफेक्शन से 100% बचाव नहीं करती हैं, अमेरिका में 3- वैक्सीन ( फाइजर-बायोएनटेक/ मॉडर्ना/ जॉनसन एंड जॉनसन) को इंफेक्शन से नहीं बल्कि कोविड-19 के लक्षणों से लोगों के बचाव की क्षमता के आधार पर मंजूरी मिली है 

वैज्ञानिकों ने पाया है कि वैक्सीन लगवा चुके लोगों में इंफेक्शन दर कम रही हैं, बीमारी नियंत्रण केंद्रों ( सीडीसी) ने बताया कि लगभग 4000 हेल्थ केयर वर्कर्स की स्टडी से सामने आया कि फाइजर, मॉडर्ना की वैक्सीन 90% असरदार हैं, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में महामारी विज्ञान के प्रोफेसर डॉ बोनी मेलडोनाडो कहती हैं, 10 करोड़ से अधिक लोगों की नई स्टडी के नतीजे आश्चर्यजनक है

इनमें केवल 0.01% इंफेक्शन की दर और अधिक लोगों का गंभीर रूप से बीमार ना पढ़ना  यह सब इस ओर संकेत करता है कि वैक्सीन का असर अच्छा है और यह लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं, इन वैक्सीन से मानव शरीर में एंटीबॉडी अच्छी तैयार हो रही है और जल्द डिवेलप हो रही है, शोधकर्ताओं ने वैक्सीन लगवाने के बाद संक्रमित हुए 5% मामलों के सैंपल की जांच की है

इस जांच में पता लगा है कि आधे से अधिक इंफेक्शन सबसे पहले ब्रिटेन में पाए गए जो कोरोना का वेरिएंट बी.1.1.7 से हुए हैं, एक चौथाई इन्फेक्शन में कैलिफोर्निया वेरिएंट की भूमिका है, वैक्सीनेटेड लोगों के संक्रमित होने का प्रतिशत कम होने से साफ हो जाता है कि दूसरे वेरिएंट के खिलाफ बी वैक्सीन की इम्युनिटी अच्छी काम कर रही है,वैक्सीन लगने के बाद लोगों को यदि इंफेक्शन हुआ भी तो बहुत मामलों में बीमारी का गंभीर नहीं हुई है

स्टडी के लेखकों का कहना है कि जो कि संक्रमण की जानकारी देना स्वैच्छिक है इसलिए वैक्सीनेटेड लोगों में इन्फेक्शन होने की वास्तविक संख्या सामने नहीं आई होगी इसके अलावा पॉजिटिव हो चुके कई लोगों में लक्षण नहीं उतरे, लिहाजा उन्होंने टेस्ट नहीं कराया होगा विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीनेशन के बाद संक्रमण की दर निश्चित रूप से बहुत कम हुई है-अमेरिका का दवा वैक्सीन लगने के बाद कोरोना से लोगों को जान का खतरा नहीं

ई समाचार मीडिया भारत के सभी नागरिकों से अपील करता है कि आप भी जल्द से जल्द अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर भारत सरकार द्वारा निशुल्क वैक्सीन लगवाएं और करोना महामारी से लड़ने के लिए देश एवं सरकार की मदद करें ,   अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें, अगर आप सुरक्षित हैं तो देश सुरक्षित हैं, अपना ध्यान रखें, सावधान रहें, सतर्क रहें, सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें, और हमेशा घर से बाहर जाते समय मुंह पर मास्क अवश्य पहने और सबसे महत्वपूर्ण बात बेवजह कहीं भी बाजारों में भीड़ भाड़ नहीं करें- कोरोना गाइडलाइन का पालन करना ही हमारा बचाव है

रिपोर्ट : देवेंद्र कुमार टांक E-समाचार.इन (जनता  की  आवाज)

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