कोरोना होने के डर से लोको पायलट ने दी जान

0
13

क्राइम रिपोर्ट/ उदयपुर : शहर में दम तोड़ तेरी कोरोना के बीच युवाओं में कोरोनावायरस से नौकरी जाने का डर ठीक नहीं है शहर में नए साल में 1 दिन भी 40 से ज्यादा कोरोना के मरीज नहीं मिले है, शुक्रवार को भी 23 मरीज मिले इस बीच शुक्रवार को गुरुवार दोपहर स्वरूप सागर में कूदकर जान देने वाले 27 वर्षीय उत्तराखंड उधम सिंह नगर निवासी कीमती एक हाथी के परिजन एमबी हॉस्पिटल पहुंचे-कोरोना होने के डर से लोको पायलट ने दी जान

कोरोना होने के डर से लोको पायलट ने दी जान

चाचा इंदर सिंह ने बताया कि 15 अगस्त से खीम का ऑनलाइन परीक्षण चल रहा था और जनवरी में ही उदयपुर रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में आया था खीम के पिता राजेंद्र ने कहा था कि गुरुवार दोपहर को खीम का फोन आया था और वह कह रहा था कि दोस्तों ने कहा है कि कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो नौकरी चली जाएगी

पिता ने समझाया भी लेकिन वह खुद गया खीम सीह सुखाडिया सर्कल स्थित रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में असिस्टेंट लोको पायलट की ट्रेनिंग करने आया था, हालांकि यह सामने नहीं आया कि वह दोस्त कौन था और ऐसी बात किसी ने उससे कहीं भी या नहीं, परिजन एंबुलेंस से शुक्रवार शाम को  शव लेकर उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए

खीम को प्रशिक्षण के दौरान ₹25000 मिले थे और उसने हाल ही में ₹8000 रेलवे स्कूल की  मैस में जमा कराए थे

रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिं को 4 दिन क्वॉरेंटाइन रखते हैं : रेलवे ट्रेनिंग स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में हॉस्टल को क्वारंटाइन सेंटर बना रखा है, जहां बाढ़ से प्रशिक्षण के लिए आने वाले को 4 दिन क्वारंटाइन रखा जाता है,खीम को यहां रखा गया था कोई लक्षण सामने आने पर परीक्षण आरती को कक्षा में बैठाया जाता है

दूरी बनाते हुए खीम के साथ 103 प्रशिक्षणार्थी थे और एक कक्षा में 25-30 छात्रों को बैठाया जाता है इस दौरान उसके संपर्क में आए युवकों से पूछताछ की, लेकिन यह बात सामने नहीं आई कि किसी ने कहा कि कोरोना होने पर नौकरी चली जाएगी – कोरोना होने के डर से लोको पायलट ने दी जान

अब तक सेंटर में 30 प्रशिक्षणार्थी- कर्मचारी पॉजिटिव आ चुके हैं सभी ठीक होकर प्रशिक्षण ले चुके हैं नौकरी जाने जैसी कोई बात नहीं है, वही ऐसे मामलों में मनोज चिकित्सकों का कहना है कि डर की वजह  से ही लोग ऐसे गलत कदम उठा लेते हैं, जबकि इस तरह की कोई भी बात होने पर उन्हें मनोचिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए

युवक ने स्वरुप सागर में कूद कर दी जान

इस तरह के किसी भी मामले की जानकारी होने पर परिजनों और मित्रों को भी बात करनी चाहिए, बातचीत से ही समस्याओं का हल संभव हो जाता है, और किसी का भी टेंशन  100% तक कम किया जा सकता है, अगर खीम थोड़ी सी होशियारी और समझदारी से काम लेता, और किसी डॉक्टर की सलाह लेता तो आज वह जिंदा होता

यह की पूरी घटना : सुखाडिया सर्कल स्थित रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में असिस्टेंट लोको पायलट का प्रशिक्षण लेने आए उत्तराखंड के की तबीयत खराब होने पर कोरोना के लिए एमबी हॉस्पिटल भेजा गया, वह हॉस्पिटल पहुंचा जहां कराई जांच कराने के बाद ऑटो में बैठ कर स्वरूप सागर पहुंचा और मोबाइल पर बात करते हुए पानी में कूद गया था, सूचना मिलने पर हाथ और पुलिस पहुंची और बाहर निकाला पर जब तक खीम को पानी से बाहर निकाला तब तक उसकी जान जा चुकी थी

न्यूज :- देवेंद्र कुमार टांक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here