बाथरूम में ही क्यों आते है लोगों को हार्ट-अटेक

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हेल्थ रिपोर्ट / नई दिल्ली / भारत : बाथरूम में ही क्यों आते है लोगों को हार्ट-अटेक : ऐसे हृदयघात ( हार्ट अटैच) कभी भी और कहीं भी आता है, पर बाथरूम में ऐसा होने की ज्यादा घटनाएं सामने आती हैं।
हृदयघात सुबह के समय बाथरूम के अंदर आते हैं। कई नामचीन लोगों की भी इसी तरह से मृत्यु हो चुकी है। आखिर क्या कारण है कि बाथरूम में ही लोगों को हृदयाघात (हार्ट अटैक) ज्यादा आता है। आइये जानते हैं इसके बारे में कि बाथरूम से हार्ट अटैक आने का क्या संबंध है :-

बाथरूम में ही क्यों आते है लोगों को सबसे ज्यादा हार्ट-अटेक

1.कार्डियक अरेस्ट हो या फिर हृदयाघात (हार्ट अटैक) , दोनों का संबंध हमारे रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) से होता है।


2.रक्त रंचार (ब्लड सर्कुलेशन) का सीधा असर हमारे हृदय पर होता है।-बाथरूम में ही क्यों आते है लोगों को हार्ट-अटेक


3. रक्त का संचार (ब्लड सर्कुलेशन) हृदय से ही (हार्ट) नियंत्रित होता है, जिससे हमारे शरीर की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित होती रहे। और शरीर का प्रत्येक अंग सुचारू रुप से कार्य करते हैं।

4. दरअसल, जब हम बाथरूम की टॉयलेट सीट पर बैठ कर जब ज्यादा दबाव डालते हैं तो उसका असर सीधा रक्त रंचार हमारे (ब्लड सर्कुलेशन) पर पड़ता है। इस दबाव से हृदय की धमनियों पर दबाव बढ़ता है, जो हार्ट अटैक या फिर कार्डियक अरेस्ट की वजह बन जाता है।

5.बाथरूम का तापमान हमारे घर के अन्य कमरों के तुलना में अधिक ठंडा रहता है. यहां पानी का प्रवाह (फ्लो) बार-बार होता रहता है। ऐसी स्थिति में शरीर के तापमान को संतुलित करने और रक्त के संचार को बनाए रखने के लिए हमारे हृदय को अधिक श्रम करनी पड़ती है। हृदयघात ( हार्ट अटैक) होने का यह एक बड़ा कारण होता है।


6. बाथरुम में कोई कार्य नहीं होने के कारण मस्तिष्क ज्यादा सोचना शुरू कर देता है। परिणामस्वरूप कभी-कभी तनाव अपने चरम पर होता है और हृदयघात होता है।

बाथरूम में ही क्यों आते है लोगों को सबसे ज्यादा हार्ट-अटेक

हृदयघात ( हार्ट अटैक) से बचने के उपाय :-
1. कई बार नहाने के दौरान हार्ट अटैक आ जाता है। नहाने को लेकर डॉक्टर सलाह देते हैं कि बाथरूम जाते ही पहले अपने तलबों पर हल्का गुनगुना पानी धीरे-धीरे डालें, इसके बाद धीरे-धीरे शॉवर लें।

2. यदि आपने ऐसा नहीं किया और सीधा सिर पर ठंडा पानी डाला तो इसका नकारात्मक असर रक्त संचार पर पड़ता है। जिन्हें हृदय रोग हो, उन्हें इससे बचना चाहिए।-बाथरूम में ही क्यों आते है लोगों को हार्ट-अटेक


3. सीधे सिर पर पानी डालने से कई बार व्यक्ति की दिल की गति, धड़कन एकदम से रुक जाती है। अगर आप अपने शरीर पर अचानक से गर्म या अधिक ठंडा पानी डालते हैं, तो इससे रक्त रंचार (ब्लड सर्कुलेशन) पर दबाव पड़ता है। अतः ऐसा करनें से बचें।


4. किंतु यदि आप पहले पैरों पर धीरे-धीरे पानी डालते हैं, तो इससे रक्त रंचार (ब्लड सर्कुलेशन) पर सीधा असर नहीं पड़ता। वास्तव में अचानक से ठंडा पानी सिर में डालने से मस्तिष्क एकदम से सन्न रह जाता है और वो हृदय को संदेश नहीं भेज पाता। परिणामस्वरूप हृदयाघात आता है। इसलिए बाथरूम में इन बातों को ख्याल रखना चाहिए।

देर तक बाथरूम में बैठना, शरीर को साफ करने में ज्यादा दबाव लगाना, दोनों पैरों के सहारे ज्यादा देर तक बैठे रहना, जल्दबाजी में नहाना, बाथटब में ज्यादा बैठे रहना अनुचित है, क्योंकि ऐसा करने से धमनियों पर दबाव पड़ता है। इन सब का हार्ट पर असर पड़ता है। यह रक्त के प्रवाह को प्रभावित करते हुए धमनियों पर दबाव बढ़ा देता है। इससे हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट की परेशानी होती है।

न्यूज :- देवेंद्र कुमार टांक

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